कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: जादुमनी सिंह ने स्कॉटलैंड के बॉक्सर को हराकर अगले दौर में बनाई जगह

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2026
ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) 2026 में भारतीय बॉक्सरों ने शानदार शुरुआत की है। पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में जादुमनी सिंह मंडेन्गबाम ने स्कॉटलैंड के एरन कलन को 5-0 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया है। वहीं, ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को पहले राउंड में 'बाय' मिलने के कारण वे सीधे सेमीफाइनल में पहुँच गई हैं, जिससे भारत का कम से कम एक कांस्य पदक पक्का हो गया है।

जादुमनी सिंह मंडेन्गबाम ने ग्लासगो के एसईसी हॉल में खेले गए अपने मुकाबले में शुरू से ही स्कॉटलैंड के एरन कलन पर दबदबा बनाए रखा। उन्होंने अपने तेज पंच, सटीक निशाने और मजबूत डिफेंस के दम पर एरन कलन को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। सभी पांच जजों ने जादुमनी को हर राउंड में विजेता घोषित किया और उन्हें 30-27 का एक समान स्कोर दिया। घरेलू दर्शकों के समर्थन के बावजूद, एरन कलन भारतीय मुक्केबाज की गति और रणनीति के सामने बेबस नजर आए। जादुमनी के लगातार पंचों का एरन कलन के पास कोई जवाब नहीं था। इस जीत के साथ जादुमनी राउंड ऑफ 16 में पहुँच गए हैं। अब 26 जुलाई को उनका मुकाबला पाकिस्तान के रहमान से होगा। अगर जादुमनी इस मुकाबले में जीत दर्ज करते हैं, तो वे क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर लेंगे। जादुमनी को भारत की ओर से पदक का एक बड़ा दावेदार माना जा रहा है।
जादुमनी की इस जीत से भारतीय बॉक्सिंग टीम ने प्रतियोगिता में एक मजबूत शुरुआत की है। भारतीय दल इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में ज्यादा से ज्यादा पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरा है। हालांकि, इस बार ग्लासगो में हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बैडमिंटन, रेसलिंग, हॉकी, क्रिकेट और शूटिंग जैसे खेलों को शामिल नहीं किया गया है। इन खेलों में पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने कई पदक जीते थे, इसलिए इन खेलों का न होना भारतीय दल के लिए एक चुनौती है।

दूसरी ओर, ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने बिना रिंग में उतरे ही बॉक्सिंग में भारत के लिए पहला पदक पक्का कर लिया है। उन्हें पहले राउंड में 'बाय' मिला था, जिसका मतलब है कि उन्हें अपना पहला मुकाबला नहीं खेलना पड़ा और वे सीधे सेमीफाइनल में पहुँच गईं। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार, सेमीफाइनल में हारने वाले खिलाड़ी को भी कांस्य पदक दिया जाता है। लवलीना 31 जुलाई को पहली बार रिंग में उतरेंगी और उनका मुकाबला टाफाकी से होगा। अगर लवलीना टाफाकी के खिलाफ जीत दर्ज करने में सफल रहती हैं, तो उनका कम से कम रजत पदक पक्का हो जाएगा। यह भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।

भारतीय दल इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार है। जादुमनी और लवलीना जैसे खिलाड़ियों से पदक की उम्मीदें बहुत अधिक हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय मुक्केबाज आगे के मुकाबलों में कैसा प्रदर्शन करते हैं और देश के लिए कितने पदक जीत पाते हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स में हर बार भारत का प्रदर्शन शानदार रहा है और इस बार भी उम्मीद है कि भारतीय खिलाड़ी देश का नाम रोशन करेंगे।

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