शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स 331 अंक, निफ्टी 102 अंक नीचे, कच्चे तेल का दबाव

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मुंबई, 24 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल के कारण भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन, शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों में 0.43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 331.62 अंक गिरकर 76,059.77 पर और निफ्टी 50, 102 अंक गिरकर 23,767.45 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स 75,474.43 के निचले स्तर तक चला गया था, जबकि निफ्टी 50, 23,606.30 के स्तर पर आ गया था। इस हफ्ते सेंसेक्स में कुल 2.7 प्रतिशत और निफ्टी में 2.3 प्रतिशत की गिरावट आई।

शुक्रवार को शेयर बाजार में गिरावट की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी रही। ब्रेंट क्रूड का सितंबर अनुबंध 101 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया। इस हफ्ते ब्रेंट क्रूड में 15 प्रतिशत का उछाल आया है, जबकि पिछले हफ्ते यह 16 प्रतिशत बढ़ा था। पिछले तीन महीनों से लगातार गिरावट के बाद, ब्रेंट क्रूड जुलाई में अब तक लगभग 40 प्रतिशत चढ़ चुका है। यह कच्चे तेल की कीमतों में आई यह तेजी बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण बनी।
बाजार बंद होने के समय, सेंसेक्स 76,059.77 पर बंद हुआ, जो पिछले दिन के मुकाबले 331.62 अंक या 0.43 प्रतिशत कम था। वहीं, निफ्टी 50, 23,767.45 पर बंद हुआ, जो 102 अंक या 0.43 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। दिन के कारोबार के दौरान, सेंसेक्स अपने पिछले बंद भाव 76,391.39 से 0.89 प्रतिशत यानी 683.2 अंक गिरकर 75,708.19 पर खुला था। दिन के कारोबार में यह और भी नीचे चला गया और 1.20 प्रतिशत यानी 916.96 अंक गिरकर 75,474.43 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह, निफ्टी 50 भी अपने पिछले बंद भाव 23,869.60 से 0.85 प्रतिशत यानी 203.25 अंक गिरकर 23,666.35 पर खुला था। दिन के कारोबार में यह 1.10 प्रतिशत गिरकर 23,606.30 के इंट्रा-डे लो (दिन के सबसे निचले स्तर) पर पहुंच गया। यह लगातार पांचवां कारोबारी सत्र था जब बाजार में गिरावट देखने को मिली, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना रहा।

व्यापक बाजार की बात करें तो, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप में भी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 0.10 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शन में मिलाजुला रुख देखने को मिला। निफ्टी मीडिया 1.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र रहा। इसके बाद निफ्टी आईटी में 0.8 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.5 प्रतिशत और निफ्टी बैंक में 0.18 प्रतिशत की बढ़त देखी गई।

दूसरी ओर, निफ्टी ऑटो सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र रहा, जिसमें 1.10 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा, निफ्टी मेटल में 0.55 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी में 0.57 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 0.55 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.46 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा में 0.4 प्रतिशत और निफ्टी इंफ्रा में भी 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में इटरनल, बजाज फाइनेंस, एम एंड एम, श्रीराम फाइनेंस और बजाज-ऑटो शामिल थे। वहीं, सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में एचसीएल टेक, सिप्ला, विप्रो, आईटीसी और एचडीएफसी लाइफ शामिल थे। यह दर्शाता है कि बाजार में कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी हुई, लेकिन व्यापक स्तर पर बिकवाली का दबाव बना रहा।

एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी 50 के लिए 23,650-23,600 का स्तर तत्काल महत्वपूर्ण सपोर्ट (सहारा) का काम करेगा। यदि निफ्टी इस दायरे के नीचे मजबूती से फिसलता है, तो गिरावट बढ़कर 23,450 और उसके बाद 23,300 तक जा सकती है। यह संकेत देता है कि निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है और बाजार में और गिरावट की संभावना बनी हुई है।

वहीं, ऊपर की ओर 23,950-24,000 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस (बाधा) रहेगा, जो 50-दिवसीय ईएमए (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के साथ मेल खाता है। ईएमए एक तकनीकी संकेतक है जो किसी शेयर की औसत कीमत को दर्शाता है। यदि निफ्टी इस स्तर को पार करने में सफल होता है, तो बाजार में राहत भरी तेजी देखने को मिल सकती है। यह बताता है कि अगर बाजार इन रेजिस्टेंस स्तरों को पार कर पाता है तो निवेशकों को कुछ राहत मिल सकती है।

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