गुजरात में भारी बारिश: 38,653 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, राहत कार्य जारी

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गुजरात में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। अब तक 38,653 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है और 5,547 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, वायुसेना और कोस्ट गार्ड मिलकर काम कर रहे हैं। राज्य के कई जिलों में शुक्रवार को भी तेज बारिश जारी रही, खासकर उत्तर और मध्य गुजरात में।

गुजरात में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं। राज्य सरकार के अनुसार, अब तक 38,653 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा, 5,547 से अधिक लोगों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है। इन मुश्किल घड़ी में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना और भारतीय तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) मिलकर काम कर रहे हैं।
गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर (एसईओसी) से मिली जानकारी के अनुसार, पूरे राज्य में आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कुल 49 टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें हर संभव मदद पहुंचाने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं। इसके अलावा, भारतीय सेना की छह टीमें अहमदाबाद, नवसारी और वलसाड जिलों में राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। हर जिले में सेना की दो-दो टीमें लोगों की मदद कर रही हैं।

भारतीय वायुसेना वडोदरा में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है, जहाँ फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। वहीं, भारतीय तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) नवसारी, वलसाड और तापी जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर रहा है। कोस्ट गार्ड की टीमें बिलीमोरा और गांदेवी जैसे जलमग्न क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम भी कर रही हैं।

राज्य के उत्तर और मध्य गुजरात में शुक्रवार को भी भारी बारिश जारी रही। एसईओसी के अनुसार, पिछले दो घंटों में बनासकांठा जिले के देओदर तालुका में तीन इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। यह दिखाता है कि बारिश की तीव्रता कितनी ज्यादा है। इसके अलावा, भाभर (बनासकांठा), धंसुरा (अरावली), लीलिया (अमरेली) और सांतलपुर (पाटन) जैसे इलाकों में भी दो इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई।

राहत और बचाव कार्यों के कुछ खास उदाहरण भी सामने आए हैं। वलसाड जिले के नानापोंधा तालुका के पंडोर गांव में एसडीआरएफ ने एक राहत एवं बचाव अभियान चलाया। वहीं, नवसारी जिले के वांसदा तालुका के धारमपुरी क्षेत्र में भी एसडीआरएफ की टीम ने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला। अहमदाबाद जिले के ढोलका तालुका के चालोडा गांव में गुरुवार देर रात बारिश के पानी में फंसे तीन लोगों को स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। एक अन्य घटना में, अहमदाबाद जिले के सरभाट और बदरखा गांवों के बीच पानी में फंसी एक बस के 20 यात्रियों को ट्रैक्टर की सहायता से सुरक्षित निकाला गया। इसी तरह, नवसारी जिले के गांदेवी तालुका के मेघर गांव में भी कोस्ट गार्ड ने राहत अभियान चलाकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

गुजरात के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ज्ञानेंद्र सिंह मलिक शुक्रवार को गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर का दौरा करेंगे। इस दौरान वे भारी बारिश से प्रभावित जिलों की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे। प्रशासन का कहना है कि राज्य में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियां मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। लोगों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है।

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