हिंदुस्तान जिंक का रिकॉर्ड प्रदर्शन: ₹8,074 करोड़ EBITDA, ₹13,747 करोड़ रेवेन्यू, जिंक उत्पादन और लागत में नया कीर्तिमान

NewsPoint
8074 ebitda 13747
हिंदुस्तान जिंक ने पहली तिमाही में मचाया धमाल, रिकॉर्ड तोड़ कमाई और उत्पादन से बनाया नया कीर्तिमान। कंपनी ने ₹13,747 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक Revenue from Operations दर्ज किया, जो पिछले साल से 77% ज्यादा है। वहीं, ₹8,074 करोड़ का Highest-ever EBITDA और ₹5,469 करोड़ का Net Profit भी हासिल किया, जो पिछले साल से क्रमशः 109% और 145% अधिक है। यह शानदार प्रदर्शन लगातार पांचवें साल पहली तिमाही में 268 KT का सर्वाधिक Mined Metal Production और प्रति टन केवल 851 अमेरिकी डॉलर की सबसे कम Quarterly Zinc Cost of Production के कारण संभव हुआ। कंपनी ने नए CEO अमरेंदु प्रकाश और CFO अमित गुप्ता के नेतृत्व में ESG और Sustainability के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं।

हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड, जो दुनिया की सबसे बड़ी Integrated Zinc Producer और शीर्ष 10 Silver Producers में से एक है, ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में अपने वित्तीय प्रदर्शन के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कंपनी ने ₹13,747 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक Revenue from Operations दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 77 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्शाता है। इसके साथ ही, कंपनी का EBITDA भी ₹8,074 करोड़ के Highest-ever स्तर पर पहुंच गया, जिसमें 109 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई। शुद्ध लाभ (Net Profit) में भी 145 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹5,469 करोड़ रहा।
इस असाधारण वित्तीय सफलता का मुख्य श्रेय कंपनी के मजबूत परिचालन को जाता है। लगातार पांचवें वर्ष, पहली तिमाही में 268 KT का सर्वाधिक Mined Metal Production हासिल किया गया। साथ ही, प्रति टन जिंक उत्पादन की लागत को घटाकर केवल 851 अमेरिकी डॉलर तक ले आया गया, जो कि अब तक की सबसे कम Quarterly Zinc Cost of Production है। कंपनी की यह उपलब्धि उसके मजबूत परिचालन, प्रभावी लागत प्रबंधन (Cost Management) और उद्योग में उसकी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त का प्रमाण है। इन सबने मिलकर हिंदुस्तान जिंक को दुनिया के सबसे कम लागत वाले जिंक उत्पादकों में अपनी स्थिति को और मजबूत करने में मदद की है।

कंपनी में नेतृत्व परिवर्तन भी हुआ है। हिंदुस्तान जिंक के निदेशक मंडल ने अमरेंदु प्रकाश को 1 अगस्त 2026 से कंपनी का नया Chief Executive Officer (CEO) और Whole-time Director नियुक्त किया है। अमरेंदु प्रकाश भारतीय इस्पात उद्योग में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखते हैं और इससे पहले वे SAIL के Chairman एवं Managing Director रह चुके हैं। वहीं, अमित गुप्ता ने 1 जून 2026 से कंपनी के Chief Financial Officer (CFO) का पद संभाला है। वे एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और वेदांता समूह में Strategic Finance, Capital Allocation, Business Transformation और Corporate Governance जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यापक अनुभव रखते हैं।

वित्तीय प्रदर्शन के साथ-साथ, हिंदुस्तान जिंक ने Sustainability और ESG (Environmental, Social, and Governance) के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दिखाई है। पहली तिमाही के दौरान, चंदेरिया के बाद Rampura Agucha Mine भारत की पहली ऐसी खदान बनी जिसे प्रतिष्ठित Zinc Mark Certification प्राप्त हुआ। कंपनी पहली बार Dow Jones Best in Class Index (Emerging Markets) में शामिल हुई, जो वैश्विक स्तर पर उसकी बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।

पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए, कंपनी ने Debari Zinc Smelter में भारत की पहली 250 Metric Tonne क्षमता वाली Electric Crane तैनात की है। यह न केवल परिचालन को सुगम बनाएगा बल्कि ऊर्जा दक्षता को भी बढ़ाएगा। इसके अलावा, कंपनी ने राजस्थान में कर्मचारियों के परिवहन के लिए 41 Electric Buses का सबसे बड़ा बेड़ा शुरू किया है, जो स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। TIME World’s Most Sustainable Companies 2026 की सूची में भी हिंदुस्तान जिंक का स्थान बनाना उसकी Sustainability पहलों की सफलता को दर्शाता है।

स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए, कंपनी ने Advantek Associates LLP और Aero Eagle Automobiles Private Limited के साथ Hydrogen Fuel एवं Clean Energy Solutions पर महत्वपूर्ण एमओयू (Memorandum of Understanding) किए हैं। साथ ही, TERI (The Energy and Resources Institute) के साथ चंदेरिया में 250 हेक्टेयर क्षेत्र में एक बड़े Ecological Restoration Project के लिए भी समझौता किया गया है।

हिंदुस्तान जिंक के CEO अरुण मिश्रा ने इस रिकॉर्ड प्रदर्शन पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी ने लगातार पांचवें वर्ष पहली तिमाही में सर्वाधिक 268 KT Mined Metal Production हासिल किया है। यह विश्वस्तरीय परिसंपत्तियों और Operational Excellence का प्रमाण है। उन्होंने आगे कहा, "Debottlenecking Initiatives के जरिए Refined Metal Production में लगातार सुधार हो रहा है और कंपनी दुनिया के सबसे कम लागत वाले जिंक उत्पादकों में अपनी स्थिति मजबूत बनाए हुए है।" मिश्रा ने यह भी बताया कि Infrastructure Development और Energy Transition के कारण जिंक की मांग लगातार बढ़ रही है और कंपनी जिम्मेदार विकास तथा दीर्घकालिक मूल्य सृजन के लिए प्रतिबद्ध है।

नए CFO अमित गुप्ता ने कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पहली तिमाही में कंपनी का Net Profit 145 प्रतिशत बढ़कर ₹5,469 करोड़ और EBITDA 109 प्रतिशत बढ़कर ₹8,074 करोड़ पहुंचा। गुप्ता ने इस उपलब्धि का श्रेय Operational Excellence, Cost Competitiveness और अनुशासित Financial Management को दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि मजबूत Balance Sheet और प्रभावी Capital Allocation के बल पर कंपनी भविष्य में भी लगातार विकास और Shareholders के लिए Long-term Value Creation जारी रखेगी।

उत्पादन, लागत और नकदी प्रवाह (Cash Flow) के मामले में भी पहली तिमाही में कई रिकॉर्ड बने। कंपनी का Refined Metal Production 260 KT रहा, जबकि Refined Metal Sales बढ़कर 258 KT पहुंच गई। Silver Production 149 MT दर्ज की गई। जैसा कि पहले बताया गया, Zinc Cost of Production घटकर 851 डॉलर प्रति टन रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 16 प्रतिशत कम है। कंपनी ने Growth Capex से पहले ₹5,253 करोड़ का मजबूत Free Cash Flow दर्ज किया।

नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के उपयोग में भी कंपनी ने प्रगति की है। कुल बिजली खपत में इसकी हिस्सेदारी बढ़कर 22 प्रतिशत हो गई है। कंपनी ने कर्नाटक के गुंडलुपेट में Rare Earth Elements (REE) एवं Yttrium Block की Mining Lease भी हासिल की है, जो भविष्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। शेयरधारकों को पुरस्कृत करने के लिए, कंपनी ने ₹11 प्रति शेयर का पहला Interim Dividend घोषित किया है, जिसकी कुल राशि ₹4,648 करोड़ है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति बेहद मजबूत है। 30 जून 2026 तक, कंपनी के पास ₹12,892 करोड़ की Cash एवं Investments उपलब्ध थीं, जबकि कुल Borrowings केवल ₹7,320 करोड़ रहीं। CRISIL ने कंपनी को AAA Credit Rating प्रदान किया है, जो उसकी वित्तीय सुदृढ़ता का एक और प्रमाण है।

राजस्थान सहित राष्ट्रीय राजस्व में भी हिंदुस्तान जिंक का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। पहली तिमाही में कंपनी ने लगभग ₹6,450 करोड़ का योगदान सरकारी खजाने में दिया, जिसमें राजस्थान सरकार को लगभग ₹1,700 करोड़ की Royalty और अन्य भुगतान शामिल हैं।

कंपनी अपनी भविष्य की परियोजनाओं पर भी तेजी से काम कर रही है। 510 KTPA Fertiliser Plant परियोजना दूसरी तिमाही FY27 तक पूरी होने की उम्मीद है। इसके अलावा, दरीबा में Lead एवं Silver Recovery Project, देबारी में 250 KTPA Refined Zinc Expansion तथा Rampura Agucha में भारत के पहले 10 MTPA Tailings Reprocessing Plant पर भी तेजी से कार्य जारी है। ये परियोजनाएं कंपनी के भविष्य के विकास और विस्तार की योजनाओं को दर्शाती हैं।

रेकमेंडेड खबरें