श्रीलेखा मित्रा के खिलाफ पीएम मोदी की अश्लील तस्वीर वाले पोस्टर के इस्तेमाल पर शिकायतें दर्ज
श्रीलेखा मित्रा के खिलाफ पीएम मोदी की अश्लील तस्वीर वाले पोस्टर के इस्तेमाल पर शिकायतें दर्ज
NewsPoint•
कोलकाता, 26 जुलाई (आईएएनएस)। बंगाली अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित तौर पर आपत्तिजनक तस्वीर का इस्तेमाल करने के आरोप में कई पुलिस थानों में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। भाजपा नेता केया घोष ने कोलकाता के आनंदपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है, जबकि बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन सहित अन्य जिलों में भी शिकायतें पहुंची हैं। यह मामला 24 जुलाई को नीट परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें श्रीलेखा मित्रा भी शामिल हुई थीं। उन्होंने एक पोस्टर पकड़ा हुआ था, जिस पर कथित तौर पर प्रधानमंत्री की अश्लील तस्वीर छपी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है और प्रारंभिक जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इन शिकायतों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352, 353 और 356 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा ने इस पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि एक विशेष पोस्टर पकड़े हुए उनकी तस्वीर वायरल हो गई है। वह स्वीकार करती हैं कि वह भाजपा विरोधी हैं, लेकिन उन्हें गद्दार कहना हास्यास्पद है। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने जानबूझकर वह तस्वीर ली और उसे हाथ में पकड़े खड़ी रहीं।श्रीलेखा मित्रा ने बताया कि वह शुक्रवार को मैदान में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई थीं और छात्रों व युवाओं के साथ चल रही थीं। उन्होंने कहा कि चश्मा न होने के कारण वह पोस्टर को ठीक से देख नहीं पाईं। उन्होंने कहा, "मैं अपना चश्मा लाना भूल गई थी। मैं सिर्फ धूप का चश्मा लाई थी।" भीड़ होने के कारण वह पोस्टर पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर को ठीक से नहीं देख पाईं।
उन्होंने यह भी बताया कि उस समय पुलिस लाठीचार्ज कर रही थी। ऐसे में उन्होंने पोस्टर को पलटा भी नहीं कि उस पर पीएम मोदी की किस तरह की तस्वीर है। यह सब अचानक हुआ और वह उस समय पोस्टर पर छपी तस्वीर को देखने की स्थिति में नहीं थीं।
दूसरी ओर, भाजपा नेता केया घोष ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ऐसी तस्वीर देखकर उन्हें पार्टी नेता के तौर पर नहीं, बल्कि देश की एक नागरिक के तौर पर गुस्सा आया है। उन्होंने मांग की है कि श्रीलेखा के खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
केया घोष ने कहा, "ऐसी भद्दी तस्वीर साझा करने के लिए श्रीलेखा के खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसे कृत्य के लिए कड़ी सजा जरूरी है। उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। अन्यथा, हम अदालत जाएंगे।"
यह पूरा मामला नीट परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने के विरोध में आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान सामने आया। प्रदर्शनकारी तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इसी विरोध प्रदर्शन में अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा भी शामिल हुईं। उन्होंने एक पोस्टर पकड़ा हुआ था, जिस पर कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक आपत्तिजनक तस्वीर छपी थी। इसी तस्वीर को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है और अभिनेत्री के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। मामले की प्रारंभिक जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि एफआईआर दर्ज की जाए या नहीं। फिलहाल, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 (शांति भंग करने के लिए उकसाना), 353 (सार्वजनिक रूप से भड़काऊ आचरण को बढ़ावा देना) और 356 (मानहानि) के तहत शिकायतें दर्ज की गई हैं। ये धाराएं सार्वजनिक शांति भंग करने, भड़काऊ व्यवहार और किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने से संबंधित हैं।
अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा ने अपनी सफाई में कहा है कि वह विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मैदान में गई थीं। उन्होंने यह भी कहा कि वह भाजपा विरोधी हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह देशद्रोही हैं। उन्होंने कहा कि पोस्टर पर बनी तस्वीर को उन्होंने ठीक से देखा नहीं था क्योंकि वह अपना चश्मा लाना भूल गई थीं और भीड़ भी काफी थी। पुलिस लाठीचार्ज कर रही थी, इसलिए उन्होंने पोस्टर को पलटकर भी नहीं देखा कि उस पर क्या छपा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सब अनजाने में हुआ और उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था।
भाजपा नेता केया घोष ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के नेता हैं और उनकी ऐसी तस्वीर का इस्तेमाल करना देश का अपमान है। उन्होंने मांग की है कि श्रीलेखा मित्रा को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। यह मामला अब राजनीतिक रंग भी ले रहा है, जिसमें भाजपा अभिनेत्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।