पेपर लीक के खिलाफ सरकार का नया बिल: 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ का जुर्माना
पेपर लीक के खिलाफ सरकार का नया बिल: 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ का जुर्माना
NewsPoint•
नई दिल्ली, 26 जुलाई। सरकार सोमवार को पेपर लीक के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। वह सदन में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेश करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही इस बारे में घोषणा कर दी थी। अब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी सांसदों से इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा में शामिल होने की अपील की है।
किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि युवा पीढ़ी की आवाज़ सुनने और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए ऐतिहासिक फैसलों के बाद, मैं सभी सांसदों से अपील करता हूं कि वे कल 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक' पर चर्चा में भाग लें। सरकार सोमवार को सदन में पेपर लीक के खिलाफ कड़े प्रावधानों वाले इस बिल को पेश करने वाली है।प्रधानमंत्री ने छात्रों और देशवासियों को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बताया था कि अधिकारियों की तरफ से उन्हें इस बिल का मसौदा मिल गया है। इसे कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई और अब इसे सदन में पेश किया जाना है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पहले भी सदन में पेपर लीक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हो रही थी। अब शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भी हो चुका है।
सरकार एक विशेषज्ञों की टीम भी तैयार कर रही है। यह टीम तकनीक की मदद से ऐसी परीक्षाएं आयोजित करने में मदद करेगी, जिनमें पेपर लीक की कोई गुंजाइश न हो। इन परीक्षाओं को 'लीक प्रूफ' बनाने का लक्ष्य है। इसके साथ ही, दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित सीजेपी का प्रदर्शन भी खत्म हो चुका है और सोनम वांगचुक ने भी अपना अनशन तोड़ दिया है। ऐसे में, अब सरकार को उम्मीद है कि सोमवार को सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलेगी और इस महत्वपूर्ण बिल पर चर्चा हो सकेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने सभी सांसदों से इसमें सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस नए विधेयक के प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य उन गलत तरीकों पर सख्त रोक लगाना है, जिनकी वजह से बार-बार राष्ट्रीय परीक्षाओं में बाधा आई है और लाखों छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। मंजूर किए गए ड्राफ्ट के अनुसार, यदि पेपर लीक के संगठित मामले सामने आते हैं, तो इस बिल में 10 साल तक की जेल और अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है। यह कड़े कदम उन लोगों पर भारी पड़ेंगे जो परीक्षाओं की पवित्रता को भंग करने की कोशिश करते हैं।
यह विधेयक छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि योग्य छात्रों को उनके हक से वंचित न किया जाए और परीक्षाओं में पारदर्शिता बनी रहे। इस बिल के पारित होने से परीक्षाओं में धांधली करने वालों के हौसले पस्त होंगे और छात्रों का सरकारी नौकरियों पर भरोसा बढ़ेगा। यह कदम देश के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है।