नोएडा श्रमिक हिंसा: दिल्ली यूनिवर्सिटी के एलएलबी छात्र की गिरफ्तारी, सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेशों का खुलासा

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नोएडा में अप्रैल में हुई श्रमिक हिंसा की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक एलएलबी छात्र को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी श्रमिकों को भड़काने और माहौल बिगाड़ने में सक्रिय था। उसने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों का इस्तेमाल कर गलत जानकारी फैलाई। पुलिस अन्य आरोपियों और बड़े नेटवर्क की तलाश कर रही है।

Navbharat Times
अप्रैल में नोएडा में हुई हिंसा के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक एलएलबी छात्र को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह छात्र सिर्फ घटना से जुड़ा नहीं था, बल्कि उसने श्रमिकों को भड़काने और माहौल खराब करने में अहम भूमिका निभाई। उसने सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुप्स का इस्तेमाल करके श्रमिकों के बीच गलत खबरें फैलाईं, जिससे तनाव बढ़ा और हिंसा हुई।

जांच एजेंसियों को इस मामले में अहम सुराग मिले हैं। गिरफ्तार किया गया छात्र श्रमिकों से ऑनलाइन माध्यमों से जुड़ा हुआ था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस साजिश में और भी लोग शामिल थे और क्या यह किसी बड़े गिरोह का काम था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सोशल मीडिया और कई व्हाट्सऐप ग्रुप्स का इस्तेमाल किया। उसने इन प्लेटफॉर्म्स पर श्रमिकों के बीच गलत जानकारी फैलाई। इन संदेशों से श्रमिकों में असंतोष बढ़ा। इससे हालात बिगड़ते चले गए और आखिरकार हिंसा की घटनाएं हुईं।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह गतिविधियां किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थीं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। वे डिजिटल सबूतों की भी पड़ताल कर रहे हैं। आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और चैट रिकॉर्ड की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस मामले में आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस इस संभावना से इनकार नहीं कर रही है।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों के जरिए श्रमिकों से संपर्क में था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यह गतिविधियां किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थीं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है। मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और चैट रिकॉर्ड की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। वहीं, मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

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