मेघालय में शिलांग-डॉकी सड़क पर भूस्खलन की विस्तृत जांच की मांग, भाजपा ने जताई चिंता

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Navbharat Times
शिलांग, 22 जून (आईएएनएस)। मेघालय में सत्ताधारी गठबंधन की सहयोगी भाजपा ने शिलांग-डॉकी सड़क परियोजना में बार-बार हो रहे भूस्खलन और सड़क संपर्क टूटने की घटनाओं पर चिंता जताते हुए इसकी विस्तृत जांच की मांग की है। भाजपा का कहना है कि इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना की सुरक्षा और लंबे समय तक चलने की क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं।

मेघालय भाजपा के प्रवक्ता मारियाहोम खारक्रांग ने सोमवार को शिलांग में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि रविवार को राजमार्ग पर हुआ बड़ा भूस्खलन कोई पहली घटना नहीं थी। उन्होंने बताया कि परियोजना के अलग-अलग हिस्सों में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। बार-बार हो रहे भूस्खलन से चिंतित खारक्रांग ने इस बात पर जोर दिया कि भूस्खलन के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक व्यापक जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "इन घटनाओं के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू की जानी चाहिए। जांच के निष्कर्षों के आधार पर, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुधारात्मक उपाय किए जाने चाहिए।"
खारक्रांग ने आगे कहा कि इन लगातार भूस्खलनों ने न केवल सड़क संपर्क को बाधित किया है, बल्कि परियोजना की स्थिरता और उसके पूरे होने पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना से जुड़े यात्रियों और मजदूरों की सुरक्षा अधिकारियों के लिए सबसे ऊपर होनी चाहिए। भाजपा नेता के मुताबिक, जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि क्या ये घटनाएं जमीन से जुड़ी समस्याओं, निर्माण में खामियों, भूस्खलन रोकने के इंतजामों की कमी या किसी और तकनीकी गलती के कारण हुई थीं। उन्होंने परियोजना से जुड़ी एजेंसियों से आग्रह किया कि वे भविष्य में भूस्खलन के खतरे को कम करने के लिए हर संभव सावधानी बरतें और वैज्ञानिक तरीके अपनाएं, खासकर मानसून के मौसम में जब ऐसी घटनाएं ज्यादा होती हैं।

शिलांग-डॉकी सड़क परियोजना को मेघालय की सबसे अहम बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक माना जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य की राजधानी शिलांग और भारत-बांग्लादेश सीमा के पास स्थित डॉकी, जो एक बड़ा व्यापार और पर्यटन केंद्र है, के बीच आवागमन को आसान बनाना है। हालांकि, परियोजना के रास्ते में बार-बार होने वाले भूस्खलनों ने स्थानीय लोगों और यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। इसी वजह से परियोजना के सुरक्षा और इंजीनियरिंग मानकों की गहराई से जांच की मांग की जा रही है।

यह सड़क परियोजना सिर्फ एक रास्ता नहीं है, बल्कि यह मेघालय के विकास के लिए बहुत मायने रखती है। डॉकी एक महत्वपूर्ण सीमा चौकी है और इस सड़क के बनने से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन बार-बार हो रहे भूस्खलन इस सपने में बाधा डाल रहे हैं। भाजपा का कहना है कि जब तक इन भूस्खलनों के असली कारणों का पता नहीं चलता और उनका समाधान नहीं होता, तब तक परियोजना की सुरक्षा पर सवाल बने रहेंगे।

प्रवक्ता मारियाहोम खारक्रांग ने कहा कि यह सिर्फ एक सड़क का मामला नहीं है, बल्कि लोगों की जान की सुरक्षा का सवाल है। उन्होंने कहा कि अगर निर्माण में कोई कमी है या सुरक्षा के इंतजाम ठीक नहीं हैं, तो उन्हें तुरंत ठीक किया जाना चाहिए। मानसून के मौसम में तो यह खतरा और भी बढ़ जाता है, इसलिए इस दौरान विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

भाजपा चाहती है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले और एक निष्पक्ष जांच करवाए। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जानी चाहिए। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और यह महत्वपूर्ण परियोजना सुरक्षित तरीके से पूरी हो सके।

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