पांचना बांध विवाद: मदन राठौड़ ने गहलोत पर साधा निशाना, भाजपा सरकार समाधान के लिए प्रतिबद्ध

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Navbharat Times
जयपुर, 22 जून। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर पांचना बांध विवाद को लेकर की गई टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की। राठौड़ ने कहा कि जो लोग मौजूदा सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि उन्होंने अपने कार्यकाल में इस लंबे समय से अटके मुद्दे को सुलझाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार इस मामले को सुलझाने में पूरी तरह विफल रही, जिससे प्रभावित लोगों को सालों तक परेशानी झेलनी पड़ी।

राठौड़ ने कहा कि गहलोत सरकार के पास इस मुद्दे को हल करने के कई मौके थे, लेकिन उन्होंने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। अब जब वे सत्ता में नहीं हैं, तो राजनीतिक बयानबाजी करके जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर गहलोत इस मामले को लेकर इतने गंभीर थे, तो मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने इसे क्यों नहीं सुलझाया? अब दूसरों पर दोष मढ़ना अनुचित है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और समाधान के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। राज्य सरकार सभी संबंधित पक्षों से लगातार बातचीत कर रही है। उनका लक्ष्य आम सहमति और प्रशासनिक तालमेल से एक स्थायी, संतुलित और सभी को स्वीकार्य समाधान खोजना है।

राठौड़ ने इस बात पर बल दिया कि जनहित से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय रचनात्मक और समाधान-उन्मुख प्रयासों से हल किया जाना चाहिए। भाजपा सरकार निवासियों के हितों की रक्षा करते हुए पांचना बांध विवाद का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे पर पिछली सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की और जो वर्षों तक लंबित रहा, उस पर आज सवाल उठाना गलत है।

उन्होंने कहा, “जनता को यह जानने का अधिकार है कि कई वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस Government ने इस महत्वपूर्ण मामले को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाए।” राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रशासन जवाबदेही, पारदर्शिता और जनहित के सिद्धांतों को बनाए रखते हुए विवाद को सुलझाने के लिए काम कर रहा है।

पांचना बांध का विवाद राजस्थान के करौली जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना से जुड़ा है। यह बांध लंबे समय से अपनी क्षमता, पानी के बंटवारे और आसपास के गांवों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर विवादों में रहा है। पिछली कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में इस मुद्दे पर कई बार चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। इस वजह से, बांध के आसपास रहने वाले किसानों और स्थानीय लोगों को पानी की कमी और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता रहा।

भाजपा का कहना है कि पिछली सरकारें इस मुद्दे की गंभीरता को समझने में नाकाम रहीं। मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस सरकार के पास इस समस्या को हल करने के लिए पर्याप्त समय और संसाधन थे, लेकिन उन्होंने जानबूझकर इस मामले को लटकाए रखा। अब जब भाजपा सरकार सत्ता में आई है, तो वह इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दल केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए ऐसे मुद्दों को उठाते हैं, लेकिन जब वे सत्ता में होते हैं, तो उन्हें हल करने की कोशिश नहीं करते। राठौड़ ने गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि उनकी सरकार ने इस मामले में कोई ठोस काम नहीं किया।

वहीं, भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार ने इस मामले को प्राथमिकता दी है। सरकार ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मिलकर काम करें और जल्द से जल्द एक ऐसा समाधान निकालें जो सभी के लिए स्वीकार्य हो। इसमें स्थानीय लोगों की राय को भी महत्व दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि केवल बातचीत और सहयोग से ही ऐसे जटिल मुद्दों को सुलझाया जा सकता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी तरह की राजनीतिक बयानबाजी में विश्वास नहीं रखती। उनका मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान करना है। पांचना बांध विवाद का हल निकालना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में इस तरह के विवाद दोबारा न हों और सभी को न्याय मिले। उन्होंने कहा कि यह सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और पारदर्शिता के साथ काम कर रही है।

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