मुंबई एयरपोर्ट पर करोड़ों की ड्रग्स तस्करी का भंडाफोड़, बैंकॉक से आए यात्री गिरफ्तार
मुंबई एयरपोर्ट पर करोड़ों की ड्रग्स तस्करी का भंडाफोड़, बैंकॉक से आए यात्री गिरफ्तार
NewsPoint•
मुंबई कस्टम्स ने बैंकॉक से आए एक यात्री को करोड़ों रुपये के ड्रग्स की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस यात्री के पास से करीब 2.27 करोड़ रुपये का हाइड्रोपोनिक वीड (एक तरह का गांजा) बरामद हुआ है। यह घटना छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुई, जहां खुफिया जानकारी के आधार पर दिल्ली के रहने वाले 42 वर्षीय बल धारी मान को रोका गया।
कस्टम अधिकारियों ने जब बल धारी मान के सामान की तलाशी ली, तो उसके ट्रॉली बैग में कपड़ों के बीच तीन संदिग्ध पैकेट मिले। इन पैकेटों को खोलने पर उनमें पौधे के फलदार और फूल वाले हिस्से भरे हुए पाए गए, जिन्हें हाइड्रोपोनिक वीड माना जा रहा है। जब्त की गई सामग्री का कुल वजन 2,272 ग्राम था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2.27 करोड़ रुपये आंकी गई है।प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी बल धारी मान प्रतिबंधित मादक पदार्थ को भारत में लाने के बदले मोटी रकम हासिल कर रहा था। मुंबई कस्टम्स ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है। अधिकारी इस ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं।
यह कोई पहली घटना नहीं है। इसी महीने, मुंबई कस्टम विभाग ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की थी। तब बैंकॉक से आई एक 28 वर्षीय महिला यात्री को गिरफ्तार किया गया था। कस्टम अधिकारियों ने महिला के ट्रॉली बैग की तलाशी ली थी, जिसमें 12 वैक्यूम-सील्ड पैकेट मिले थे। इन पैकेटों में 11.824 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (हाई क्वालिटी गांजा) था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 11.82 करोड़ रुपये थी।
उस समय प्रारंभिक जांच में पता चला था कि आरोपी महिला एक कंपनी में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर काम करती थी। कस्टम विभाग ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
हाइड्रोपोनिक वीड एक खास तरीके से उगाया जाने वाला गांजा है। इसे बिना मिट्टी के, पानी में पोषक तत्व मिलाकर उगाया जाता है। इस तकनीक से उगाए गए गांजे की क्वालिटी अक्सर बेहतर होती है और इसकी कीमत भी ज्यादा होती है।
मुंबई कस्टम्स लगातार ड्रग्स तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है। हवाई अड्डों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और खुफिया जानकारी का इस्तेमाल कर तस्करों को पकड़ा जा रहा है। इस तरह की गिरफ्तारियां यह दर्शाती हैं कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट भारत में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कस्टम विभाग उन्हें रोकने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है।