कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में 12 भारतीय नागरिकों की मौत, दूतावास ने की पुष्टि

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कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में रविवार रात एक बड़ा हादसा हुआ, जिसमें 12 भारतीय नागरिकों की जान चली गई। यह दर्दनाक घटना बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में तब हुई जब वहां काम फिर से शुरू करने की कोशिशें चल रही थीं। इस धमाके के बाद भीषण आग लग गई। दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने इस खबर की पुष्टि की है और मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। दूतावास के अधिकारी कतर के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और प्रभावित भारतीयों व उनके परिवारों को हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं, जिसमें शवों को जल्द भारत भेजने की व्यवस्था भी शामिल है।

दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक् स’ पर इस घटना की जानकारी देते हुए कहा, ”Sunday रात हुए रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई है। हम इस दुख की घड़ी में मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।” दूतावास के अधिकारियों ने यह भी बताया कि हादसे में घायल हुए सभी लोग अभी ठीक हैं और उन्हें बेहतर इलाज मिल रहा है।
यह धमाका दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण एनर्जी हब में से एक, रास लाफान इंडस्ट्रियल एरिया में हुआ। कतर एनर्जी, जो एक सरकारी कंपनी है, ने बताया कि एक्सपोर्ट टर्मिनल के कुछ हिस्सों को दोबारा चालू करने का काम चल रहा था, तभी यह धमाका हुआ और आग लग गई। बरजान फैसिलिटी कतर की गैस इंफ्रास्ट्रक्चर का एक बहुत अहम हिस्सा है। इसकी रोज की उत्पादन क्षमता करीब 1.4 बिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक फीट गैस है। इस गैस का इस्तेमाल मुख्य रूप से कतर में बिजली बनाने और खारे पानी को मीठा बनाने वाले प्लांट (डिसेलिनेशन प्लांट) को चलाने के लिए होता है। ये प्लांट इस सूखे खाड़ी देश में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं।

यह हादसा रविवार रात को हुआ, जब बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में काम फिर से शुरू करने की कोशिशें चल रही थीं। इसी दौरान एक जोरदार धमाका हुआ और फिर आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने व बचाव कार्य में जुट गईं। इस हादसे ने कतर के ऊर्जा क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय कामगारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारतीय दूतावास इस मामले में पूरी तरह से सक्रिय है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता मिले। मृतकों के शवों को जल्द से जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह घटना कतर में काम कर रहे प्रवासी श्रमिकों के लिए एक दुखद याद बन गई है।

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