पश्चिम बंगाल: TMC में बड़ी टूट, नेताओं के इस्तीफे से मची खलबली, BJP का तंज

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कोलकाता, 11 जून . पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में मची उथल-पुथल पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने तीखा तंज कसा है. उन्होंने कहा कि जो पार्टी कभी कांग्रेस को नीचा दिखाती थी, आज वही खुद कांग्रेस का सहारा ले रही है. घोष ने यह भी भविष्यवाणी की कि टीएमसी का अंत निश्चित है और नेता जनता के गुस्से का शिकार होंगे. यह बयान तब आया है जब टीएमसी के कई बड़े नेता पार्टी छोड़ चुके हैं और बाकी नेताओं में भी असंतोष साफ दिख रहा है.

दिलीप घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि जिस दिन टीएमसी हारेगी, पार्टी खत्म हो जाएगी. उन्होंने आगे कहा, “मैंने पहले ही कहा है कि जिस दिन पार्टी (टीएमसी) हारेगी, पार्टी खत्म हो जाएगी. और लोग नेताओं के पीछे भागेंगे और उनकी पिटाई करेंगे.” उन्होंने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो टीएमसी कांग्रेस को हमेशा भला-बुरा कहती थी और उसे सिर्फ एक साइन बोर्ड बताती थी, आज वही टीएमसी खुद एक साइन बोर्ड बन गई है और कांग्रेस से मदद मांग रही है. घोष ने कहा कि कांग्रेस से निकली हुई सभी पार्टियां अंत में कांग्रेस में ही मिल जाती हैं, और अब टीएमसी की भी यही बारी आई है.
टीएमसी में असंतोष का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. चुनाव हारने के बाद से पार्टी लगातार बगावत का सामना कर रही है. पिछले तीन दिनों में सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव जैसे बड़े नेता टीएमसी से इस्तीफा दे चुके हैं. गुरुवार को सांसद प्रकाश चिक बराइक ने भी राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव भी टीएमसी के राज्यसभा सदस्य थे. प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे के बाद, संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में टीएमसी के सांसदों की संख्या घटकर सिर्फ 10 रह गई है.

यह भी खबरें हैं कि लोकसभा में भी टीएमसी की संख्या कम हो सकती है. कई दिनों से ऐसी चर्चाएं चल रही हैं कि लगभग 20 टीएमसी सांसद ममता बनर्जी से नाराज होकर बगावत कर सकते हैं. इनमें काकोली घोष दस्तीदार का नाम भी शामिल है, जिन्होंने हाल ही में टीएमसी में अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था. इतना ही नहीं, काकोली घोष दस्तीदार ने टीएमसी पर गंभीर सवाल भी उठाए हैं. इसके अलावा, टीएमसी के कई विधायक भी बागी तेवर दिखा रहे हैं. इनमें से कई विधायक तो हाल ही में ममता बनर्जी की बुलाई गई बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे. यह सब दिखाता है कि टीएमसी के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और पार्टी मुश्किलों में घिरी हुई है.

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