ईरान पर अमेरिकी हमला: होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य ठिकानों को निशाना, ड्रोन मार गिराए गए

NewsPoint

ईरान पर अमेरिका का एक बार फिर हमला हुआ है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। कई ईरानी ड्रोनों को भी मार गिराया गया। यह हमला तीन महीने से चल रहे संघर्ष के बीच हुआ है। अमेरिका ने इन हमलों को रक्षात्मक बताया है।

Navbharat Times
अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर हमला किया है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच शांति वार्ता चल रही है। अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि ये हमले रक्षात्मक थे। उन्होंने कहा कि ईरान की तरफ से आक्रामक गतिविधियां देखी गई थीं।

अमेरिकी सेना ने रात भर ईरान में नए हमले किए। इन हमलों में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। माना जा रहा है कि ये ठिकाने अमेरिकी सेना के लिए खतरा पैदा कर रहे थे। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सेना ने चार ईरानी ड्रोनों को मार गिराया। एक ऐसे ठिकाने को भी निशाना बनाया गया जहां से पांचवां ड्रोन लॉन्च होने वाला था। सेना ने यह कार्रवाई तब की जब उन्हें लगा कि ये ड्रोन होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए खतरा बन सकते हैं।
यह हमला तीन महीने से चल रहे संघर्ष को खत्म करने की कोशिशों के बीच हुआ है। यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था। इस लड़ाई में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है। इस संघर्ष का असर दुनिया भर में तेल की कीमतों पर भी पड़ा है।

अमेरिका का कहना है कि ईरान के खिलाफ ये हमले अपनी सुरक्षा के लिए थे। उन्होंने साफ किया कि बुधवार, 27 मई को किया गया हमला भी एक रक्षात्मक कार्रवाई थी। यह हमला तब किया गया जब अधिकारियों ने ईरानी सेना की तरफ से आक्रामक हरकतें देखीं।

रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान में नए हमले किए हैं। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया था। माना जाता है कि यह ठिकाना अमेरिकी सेना के लिए खतरा था।

अधिकारी ने यह भी बताया कि अमेरिकी सेना ने कई ईरानी ड्रोनों को रोका और मार गिराया। माना जा रहा था कि ये ड्रोन भी इसी तरह का खतरा पैदा कर रहे थे।

यह हमला तब किया गया जब अधिकारियों ने ईरानी सेना की ओर से आक्रामक गतिविधियां देखीं। दो अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सेना ने चार ईरानी ड्रोनों को मार गिराया और एक ऐसे ठिकाने को निशाना बनाया, जहां से पांचवां ड्रोन लॉन्च करने की तैयारी चल रही थी। सेना ने यह कार्रवाई तब की, जब उसने यह तय कर लिया कि ये विमान होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए खतरा बन सकते हैं।

यह सब तब हो रहा है जब दोनों देश बातचीत के जरिए इस लड़ाई को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। इस लड़ाई की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी। अमेरिका और इज़राइल ने तब ईरान पर हमले किए थे। इस लड़ाई में हजारों लोग मारे गए हैं। इसका असर दुनिया भर में तेल की कीमतों पर भी साफ दिख रहा है। अमेरिका का कहना है कि ये हमले अपनी सुरक्षा के लिए थे।

रेकमेंडेड खबरें