गुजरात: आग लगाने के विवाद में दो मजदूरों की जिंदा जलकर मौत, आरोपी गिरफ्तार

NewsPoint•
Navbharat Times
गांधीनगर, 3 नवंबर: गुजरात के अमरेली जिले में एक शॉकिंग घटना घटी है। मंगलवार को, मध्य प्रदेश के दो मजदूर, एक 16 साल का लड़का और उसका चचेरा भाई, एक यात्री गाड़ी में सोते हुए जिंदा जल गए। यह सब पैसों के विवाद के कारण हुआ। पुलिस ने दो भाइयों को गिरफ्तार किया है, जो इस हत्या के आरोप में शामिल हैं।

यह मामला लिलिया तालुका के गुंडारण गांव के बाहर हुआ। रात के समय, रवि बघेल और नितिन पचया नाम के ये दोनों लोग गाड़ी के अंदर सो रहे थे। अब्रू के मामले की जड़ यह है कि आरोपी विनोद डोडियार ने शिकायतकर्ता कमलेश बघेल से गाड़ी किस्तों पर खरीदी थी और वह किस्तें चुकता नहीं कर पाया था। इस मामले को लेकर, गाड़ी के मूल विक्रेता ने कमलेश को उसे वापस लेने के लिए कहा। इसके चलते कमलेश ने लगभग 10 दिन पहले ही गाड़ी वापस ले ली थी, जिससे आरोपी नाराज हो गए थे।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, विनोद ने अपने भाई राजू के साथ मिलकर गाड़ी में आग लगाने की योजना बनाई। उन्होंने गाड़ी पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसे आग लगा दी। जब गाड़ी में आग लगी तो न तो रवि और न ही नितिन उस स्थिति से बच सके। उनकी जलकर मृत्यु हो गई। अधिकारियों ने बताया कि “शिकायतकर्ता ने 10 दिन पहले ही आरोपियों से यह गाड़ी वापस ले ली थी। इसी बात की रंजिश रखते हुए विनोद डोडियार ने अपने भाई के साथ मिलकर गाड़ी में आग लगाने की साजिश रची।”

पुलिस ने कहा कि यह घटना गाड़ी के 60,000 रुपए के बकाया भुगतान को लेकर विवाद का नतीजा थी। विनोद किस्तें नहीं चुका पाया था, इसीलिए वह गाड़ी को लेकर कमलेश से परेशान हो गया था। बदले की भावना से उसने यह खतरनाक कदम उठाया।

घटनाक्रम के बाद, लिलिया पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब मामले की आगे की जांच चल रही है।

इस तरह की गंभीर घटनाएं समाज में हिंसा और अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने की ज़रूरत को उजागर करती हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें हत्या से जुड़ी धारा 103(1) भी शामिल है।

इस घटना ने हमें यह याद दिलाया है कि पैसों के विवाद कभी-कभी कितने गंभीर परिणाम ला सकते हैं। समाज में मिलजुलकर रहना और विवादों का समाधान बातचीत से करना जरूरी है। इस मामले में भी संवाद से बात बढ़ाई जा सकती थी। लेकिन जब बदले की भावना सामने आ जाए, तो परिणाम भयानक हो सकते हैं।

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