हरविंदर सिंह ने श्रीलंका के उनावातुना महा विद्यालय में इंडिया कॉर्नर का उद्घाटन किया
हरविंदर सिंह ने श्रीलंका के उनावातुना महा विद्यालय में इंडिया कॉर्नर का उद्घाटन किया
NewsPoint•
श्रीलंका के हंबनटोटा में, महावाणिज्य दूत हरविंदर सिंह ने 3 नवंबर को 'India कॉर्नर' का उद्घाटन किया। यह नया पहल छात्रों को भारत की संस्कृति, परंपराओं और ज्ञान से परिचित कराने के उद्देश्य से बनाया गया है। हंबनटोटा में भारत के दूतावास ने बताया कि इस उद्घाटन से छात्रों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जानने और समझने का मौका मिलेगा। इस पहल का प्रयोजन दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करना है।
हरविंदर सिंह ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि यह 'India कॉर्नर' भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। हंबनटोटा में स्थापित इस स्थल पर छात्रों को भारतीय सभ्यता के बारे में जानकारी मिलेगी। दूतावास ने यह भी बताया कि यह पहल युवाओं की भागीदारी के माध्यम से भारत और श्रीलंका के रिश्तों को और मजबूत बनाएगी। इससे पहले, 31 अक्टूबर को, दूतावास ने रुहुना विश्वविद्यालय के साथ मिलकर 'Southern Province Government Staff Badminton Championship 2026' में भाग लिया। इस टूर्नामेंट में हरविंदर सिंह और भारतीय दूतावास की टीम ने फिटनेस और टीमवर्क की भावना को बढ़ावा देने के लिए सक्रियता से भाग लिया। दूतावास ने कहा, "हम फिट इंडिया और फिट श्रीलंका की भावना को बढ़ावा दे रहे हैं।"
श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने भी हाल ही में डेल्फ्ट द्वीप में एक 'India कॉर्नर' का उद्घाटन किया था। इस अवसर पर छात्रों को आवश्यक सहायता सामग्री भी दी गई थी। यह कदम छात्रों को भारत की संस्कृति और शिक्षा प्रणाली से जुड़ने का एक और मौका प्रदान करता है।
हाल ही में, हरविंदर सिंह ने बदुल्ला जिले में कन्नावरेला एस्टेट में 57 नए मकानों के शिलान्यास समारोह में भी भाग लिया। यह मकान भारतीय आवास परियोजना के चौथे चरण का हिस्सा हैं। इस परियोजना को भारत सरकार की अनुदान सहायता से लागू किया जा रहा है। यह पहल 'पड़ोसी पहले' नीति के अंतर्गत भारत और श्रीलंका के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चल रही है।
इन सभी प्रयासों के जरिए भारत और श्रीलंका के बीच दोस्ती और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा मिल रहा है। इस प्रक्रिया में भारतीय दूतावास की सक्रियता से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दोनों देशों के लोग एक दूसरे के करीब आएं और अपने ज्ञान को साझा करें।