विदेश सचिव विक्रम मिस्री का काठमांडू दौरा, नेपाल-India संबंधों को मजबूत करने की कोशिश

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काठमांडू, 4 नवंबर। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री बुधवार को काठमांडू में दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर पहुंचे। उनका स्वागत नेपाल में भारत के राजदूत सुधाकर दलेला और नेपाल के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने हवाईअड्डे पर किया। यह यात्रा नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की आगामी भारत यात्रा की तैयारी में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

भारत और नेपाल के विदेश मंत्रालयों ने सोमवार को यह घोषणा की थी कि मिस्री 4-5 नवंबर को काठमांडू आएंगे। उनकी यात्रा के दौरान, वह नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राय के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा, “दोनों पक्ष नेपाल-भारत संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे और आपसी हितों के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे, ताकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे करीबी और मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत किया जा सके।”
इस यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जाने की उम्मीद है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस दौरान द्विपक्षीय, क्षेत्रीय, और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा, “भारत और नेपाल के बीच मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, जिनमें सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में काफी प्रगति हुई है।”

मिस्री की यात्रा के दौरान नेपाली प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की आगामी नई दिल्ली यात्रा के संभावित एजेंडे पर भी चर्चा होने की संभावना है। नेपाल के अधिकारी इस यात्रा को सार्थक बनाने पर जोर दे रहे हैं। वे ऐसे कई मुद्दों पर प्रगति चाहते हैं, जिनमें भारत का सहयोग आवश्यक है।

विशेष रूप से, नेपाल भारत से एक बड़ा सहायता पैकेज मांगेगा। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने बताया कि बाढ़ से हुई तबाही के मद्देनजर यह मदद आवश्यक है। इसके अलावा, सीमा विवाद के समाधान, व्यापार संधि में संशोधन, और भारत के रास्ते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अतिरिक्त हवाई प्रवेश बिंदुओं (एयर एंट्री पॉइंट्स) जैसे मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा होनी है।

नए समझौतों का यह दौर ना केवल नेपाल के विकास के लिए महत्वपूर्ण रहेगा, बल्कि यह द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत करने में भी सहायता करेगा। प्रधानमंत्री शाह की प्रस्तावित यात्रा के दौरान, दोनों पक्षों द्वारा कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी हो सकता है। इससे नेपाल और भारत के बीच सहयोग में एक नई शुरुआत हो सकती है।

मिस्री की इस यात्रा से यह उम्मीद की जा रही है कि नेपाल अपनी पिछले मुद्दों पर ठोस प्रगति कर पाएगा। इससे दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग की भावना और भी गहरी होगी। भारत-नेपाल संबंधों में निरंतरता और संवाद को बनाए रखना हर किसी के लिए महत्वपूर्ण है। इस दौरे से दिखता है कि भारत और नेपाल अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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