कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर आर. अशोक का हमला, 5,650.95 करोड़ रुपए के बकाया को लेकर परिवहन निगमों को वित्तीय संकट का सामना

NewsPoint•
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बेंगलुरु में कांग्रेस सरकार पर आरोप लगे हैं कि वह 5,650.95 करोड़ रुपए का बकाया रोककर राज्य परिवहन निगमों को आर्थिक संकट में डाल रही है। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बुधवार को कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए जनता पर बस किराए में भारी वृद्धि का बोझ डाल रही है। उन्होंने दावा किया कि अगर सरकार ने बकाया राशि का भुगतान किया होता, तो बस किराए बढ़ाने की कोई आवश्यकता ही नहीं होती।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक ने कहा कि सरकार ने मनमाने ढंग से किराया बढ़ाया है। इससे यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने इस मूल्य वृद्धि को “तुगलक शासन से भी बदतर” करार दिया और कहा कि किराए में 40 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। अशोक ने बताया कि कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KSRTC) पर 2,943 करोड़ रुपए, नॉर्थ वेस्ट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NWKRTC) पर 1,306 करोड़ रुपए, बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (BMTC) पर 1,019 करोड़ रुपए और कल्याण कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KKRTC) पर 999 करोड़ रुपए का बकाया है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इन निगमों पर कर्मचारियों के भविष्य निधि का 2,901.53 करोड़ रुपए और ईंधन का 827.37 करोड़ रुपए का भी बकाया है। अशोक ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि जब वह परिवहन मंत्री थे, तब निगमों ने लगातार लाभ अर्जित किया। उन्होंने कहा कि उस समय विभाग ने अपने संसाधनों से 1,110 एकड़ भूमि खरीदी, जिससे लगभग 10,000 करोड़ रुपए का लैंड-बैंक तैयार किया गया।

अशोक ने आरोप लगाया कि परिवहन निगम अब डीजल और पुर्जों की खरीदने में समस्या का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बसों के स्टीयरिंग व्हील के निकल जाने और यात्रियों द्वारा बसों को धक्का देने जैसी घटनाएं बढ़ गई हैं। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कुछ बसें बिना हेडलाइट के चल रही हैं और चालक मोबाइल फोन की टॉर्च का उपयोग कर रहे हैं।

उन्होंने सरकार के वित्तीय प्रबंधन की कड़ी आलोचना की और कहा कि मई 2026 में निगमों की कुल देनदारी 7,130.80 करोड़ रुपए थी। इसमें वेतन, भविष्य निधि और ग्रेच्युटी के बकाया शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने दूध और दही की कीमतों में हालिया वृद्धि की भी आलोचना की। उनका कहना था कि सरकार ने दूध उत्पादकों को प्रोत्साहन बढ़ाने का जो वादा किया था, उसे पूरा करने में विफल रही है।

अशोक का दावा है कि इन मूल्य संशोधनों से एक परिवार का मासिक खर्च लगभग 390 रुपए बढ़ जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर यह आरोप लगाया कि उन्होंने वित्तीय सहायता के बिना कई वादे किए हैं। अशोक ने राज्य की वित्तीय स्थिति और वित्त विभाग के पास मौजूद धनराशि पर एक श्वेत पत्र की मांग की।

उन्होंने जनता से अपील की कि वे किराया वृद्धि के खिलाफ आंदोलन में शामिल हों। इसके साथ ही, उन्होंने घोषणा की कि भाजपा 5 नवंबर को बेंगलुरु सहित सभी जिला मुख्यालयों पर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी। इस तरह से बेंगलुरु में परिवहन निगमों की स्थिति और इसके लिए जिम्मेदार सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की योजना बनाई गई है।

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