राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए कदम

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Navbharat Times
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 4 नवंबर को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि त्योहारी सीजन के दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए। धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे प्रमुख त्योहारों के चलते बाजारों, धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह बात मंगलवार रात एक हाई-लेवल लॉ एंड ऑर्डर मीटिंग के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के समय पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है, जिससे पुलिस प्रशासन पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आती है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को फील्ड में जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने का आदेश दिया। उन्होंने कहा, "त्योहारों के मौसम में लोगों की आवाजाही काफी बढ़ जाती है।" साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी घटना पर त्वरित संज्ञान लेना जरूरी है।
बड़े बाजारों, धार्मिक स्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर पुलिस कर्मियों की पर्याप्त संख्या तैनात करने का निर्देश दिया गया है। सीएम ने पैदल गश्त और रात की गश्त बढ़ाने के लिए भी कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि ड्रग तस्कर त्योहारों के मौसम में पुलिस की बढ़ी हुई मौजूदगी का फायदा उठा सकते हैं। इसलिए, अधिकारियों को ड्रग तस्करी की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने और सक्रिय तस्करों की पहचान करने का आदेश दिया गया है।

साइबर क्राइम के खिलाफ सजग रहने पर भी जोर दिया गया है। उन्होंने कहा, "दीपावली के मौके पर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और डिजिटल एक्टिविटी बढ़ जाते हैं।" उन्होंने साइबर क्राइम टीमों को चौबीसों घंटे काम करने और शिकायतों पर तत्परता से प्रतिक्रिया देने का आदेश दिया। साइबर अपराधियों के बारे में सूचनाएं इकट्ठा करने और उनके नेटवर्क की पहचान करने की भी आवश्यकता बताई गई है।

मुख्यमंत्री ने संवेदनशील इलाकों की पहचान करने और उन पर निगरानी रखने को कहा। साथ ही, उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत जानकारी और भड़काऊ कंटेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता बताई। पुलिस टीमों को सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया है ताकि संभावित रूप से नुकसान पहुंचाने वाली ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

दीपावली से पहले कम्युनिटी लाइजन ग्रुप्स, यूथ विंग्स और सुरक्षा सखियों के सदस्यों के साथ मीटिंग करने का भी सुझाव दिया गया है। उन्होंने कहा, "किसी भी गलत जानकारी की तुरंत जांच की जानी चाहिए और तनाव को रोकने के लिए उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।" सीएम ने सभी पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में अपराध की स्थिति का निरंतर समीक्षा करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि आपराधिक गतिविधियों में बढ़ोतरी के पीछे के कारणों का विश्लेषण करने के लिए जिला स्तर पर अपराध के पैटर्न का अध्ययन किया जाना चाहिए। इसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को अपराध रोकने के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार करने के लिए कहा गया।

त्योहारों के दौरान बाजार में बढ़ते ट्रैफिक को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रभावी ट्रैफिक मैनेजमेंट की आवश्यकता बताई। उन्होंने निर्देश दिया कि खरीदारों और आने-जाने वालों को कोई परेशानी न हो और इमरजेंसी स्थितियों में मार्ग साफ रखा जाए। ट्रैफिक से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए स्थानीय व्यापारियों से बातचीत करने का भी सुझाव दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने पटाखों की दुकानों और रिटेल आउटलेट्स पर सुरक्षा मानकों का पालन करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने पटाखों की अवैध बिक्री और स्टोरेज के खिलाफ कड़ी नजर रखने की बात की। पटाखों की दुकानों वाले क्षेत्रों में फायरफाइटिंग इक्विपमेंट और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को सही से चालू रखने के लिए भी कहा गया।

महिलाओं की सुरक्षा के संबंध में सीएम ने राज्य के कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "ये यूनिट्स महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने और उनकी सुरक्षा तथा आत्मविश्वास की भावना को मजबूत करने में मदद कर रही हैं।" यह पहल महिलाओं से अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त कर रही है।

राजस्थान में टूरिस्ट सीजन की शुरुआत के साथ, मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न जगहों से और विदेशों से पर्यटकों के आने की संभावना है। उन्होंने अधिकारियों को लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त पुलिस तैनात करने तथा सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन के दौरान विजिटर्स को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए और उन्हें राजस्थान से एक सकारात्मक अनुभव के साथ लौटना चाहिए।

इस तरह, मुख्यमंत्री ने त्योहारी सीजन में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जो दिशा-निर्देश दिए हैं, वह न केवल जनता की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए हैं, बल्कि त्योहारों का आनंद लेने के लिए भी आवश्यक हैं। अधिकारियों को इस दिशा में सक्रिय रहकर काम करने की सलाह दी गई है ताकि हर नागरिक सुरक्षित और खुशहाल वातावरण में त्योहार मना सके।

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