जेएलएन मेडिकल कॉलेज ने अनुशासनहीनता पर दो इंटर्न पर लगाया एक एक लाख रुपए का जुर्माना और एक महीने का निलंबन
जेएलएन मेडिकल कॉलेज ने अनुशासनहीनता पर दो इंटर्न पर लगाया एक-एक लाख रुपए का जुर्माना और एक महीने का निलंबन
NewsPoint•
जेएलएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अनुशासनहीनता और अवांछनीय गतिविधियों को लेकर दो इंटर्न के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। कॉलेज प्रशासन ने दोनों इंटर्न पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही, उन्हें एक-एक महीने के लिए सस्पेंड भी किया गया है। यह कार्रवाई बुधवार देर शाम को की गई। कॉलेज में अब अनुशासन और नियमों का पालन करने पर चर्चा हो रही है।
दोनों इंटर्न पर अनुशासनहीनता और अवांछनीय गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप है। इसलिए, कॉलेज प्रशासन ने उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया। आदेश के मुताबिक, दोनों इंटर्न पर एक-एक लाख का आर्थिक दंड लगाया गया है। कुल मिलाकर, उन पर दो लाख रुपए का जुर्माना हुआ है। इसके अलावा, उन्हें एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के दौरान, दोनों इंटर्न कॉलेज की सभी गतिविधियों और निर्धारित प्रशिक्षण प्रक्रिया से बाहर रहेंगे। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई अनुशासनहीनता के मामले में की गई है। मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों को अस्पताल और चिकित्सा व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस समय, संस्थान के नियमों और अनुशासन का पालन करना बहुत जरूरी है।
इसके साथ ही, कॉलेज प्रशासन ने बुधवार को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिया। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि दोनों इंटर्न ने किस तरह की अनुशासनहीनता की या अवांछनीय गतिविधियां क्या थीं। प्रशासन ने इस मामले में जांच प्रक्रिया और इंटर्न के उत्तर के बारे में भी कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद कॉलेज में यह विषय चर्चा का केंद्र बन गया है। छात्र और शिक्षिकाएं इस कदम को लेकर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। कुछ लोग इस कदम को सही ठहरा रहे हैं, जबकि कुछ इसे सख्त मानते हैं। कॉलेज के छात्र चाहते हैं कि सभी इंटर्न नियमों का पालन करें और अनुशासन बनाए रखें।
इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि कॉलेज प्रशासन नियमों को लेकर गंभीर है। अब यह देखना होगा कि क्या इस निर्णय से अन्य इंटर्न अनुशासन का पालन करेंगे या नहीं। जेएलएन मेडिकल कॉलेज का प्रशासन अनुशासनहीनता के मामलों में सख्त रहकर एक सकारात्मक संदेश देना चाहता है। इस प्रकार के कदम छात्रों के लिए एक उदाहरण साबित हो सकते हैं।