शोभना जॉर्ज पर लगा ब्यूटी ट्रीटमेंट का आरोप, केरल विधानसभा में छिड़ा विवाद
शोभना जॉर्ज पर लगा ब्यूटी ट्रीटमेंट का आरोप, केरल विधानसभा में छिड़ा विवाद
NewsPoint•
तिरुवनंतपुरम, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल की राजनीति में चर्चित रहीं कांग्रेस की पूर्व विधायक शोभना जॉर्ज एक बार फिर विवादों में हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी आयुर्वेदिक संस्थान 'औषधि' की चेयरपर्सन रहते हुए एक अजिब ब्यूटी ट्रीटमेंट लिया। इसमें मुर्गी के अंडे, गुड़हल के फूल और कुछ अन्य सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया। शोभना ने इन आरोपों को सख्ती से नकारा है और अपने आलोचकों से सबूत मांगें हैं। यह मामला अब केरल विधानसभा तक पहुंच गया है, जहां कांग्रेस के विधायक वी. पी. सजींद्रन ने इस पर सवाल उठाए हैं। स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने भी इस मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
शोभना जॉर्ज ने इस विवाद का मजाकिया अंदाज में सामना किया है। उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे मजाक में कहती हैं, "मैं गुड़हल की कलियां और मुर्गी के अंडे लगाकर पलारुवी में नहाने आई हूं।" एक दूसरे वीडियो में जब कोई उनसे पूछता है कि नाश्ते में अंडे क्यों नहीं हैं, तो वे चुटकी लेते हुए जवाब देती हैं, "मैंने सुबह पहले ही 100 अंडे खा लिए हैं।" इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे बिना गुड़हल की कलियों के अंडे नहीं खाएंगी।इस विवाद की जड़ें उनके राजनीतिक करियर में हैं, जो उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। शोभना जॉर्ज तीन बार केरल विधानसभा में चेंगन्नूर से कांग्रेस विधायक रहीं। उन्होंने 2005 में पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद उन्होंने 'डेमोक्रेटिक इंदिरा कांग्रेस (करुणाकरण)' का गठन किया। यह पार्टी बाद में कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट' (यूडीएफ) की सहयोगी बनी।
शोभना ने 2006 के विधानसभा चुनाव में भाग लिया, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद, 2016 के विधानसभा चुनावों से पहले वे सीपीआई(एम) में शामिल हो गईं। एलडीएफ के कार्यकाल में उन्होंने दो सरकारी निगमों का नेतृत्व किया। अब उनके ऊपर लगे आरोपों का संबंध 'औषधि' के चेयरपर्सन के रूप में उनके कार्यकाल से है।
आंतरिक जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि संस्थान के पंचकर्म अस्पताल के डीलक्स एयर-कंडीशंड कमरे में ब्यूटी ट्रीटमेंट के लिए गुड़हल के फूलों की कलियां, मुर्गी के अंडे, नींबू का रस और नारियल तेल का इस्तेमाल हुआ। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि सरकारी फंड और डॉक्टरों की सेवाएं इस उपचार में क्यों लगाई गईं जब यह अस्पताल की औपचारिक उपचार सेवाओं का हिस्सा नहीं था।
शोभना ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने 'औषधि' में कोई ट्रीटमेंट नहीं कराया। उन्होंने सजींद्रन के खिलाफ विधानसभा में झूठे आरोप लगाने के लिए स्पीकर से शिकायत करने का भी मन बनाया है। स्वास्थ्य मंत्री मुरलीधरन ने कहा है कि इस कथित अनधिकृत उपचार के संबंध में एक रिपोर्ट तो मौजूद है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
अभी इस विवाद के बीच, शोभना जॉर्ज अपने राजनीतिक इतिहास और व्यक्तिगत मजाकों के साथ यह मामला संभालने का प्रयास कर रही हैं। उनका यह मजाकिया अंदाज और कभी-कभी तंज कसना उनके राजनीतिक सफर को और दिलचस्प बनाता है। आगे क्या होता है, यह देखना दिलचस्प होगा। क्या यह मामला सुलझेगा या और जांच को आमंत्रित करेगा? निश्चित रूप से, यह कहानी भिन्न विचारों और दृष्टिकोणों को जन्म दे रही है। ऐसे में शोभना का क्या भविष्य होगा, यह तो वक्त ही बताएगा।