भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने कांग्रेस पर लगाया चुनाव आयोग के हलफनामे और फर्जी वीडियो को लेकर गंभीर आरोप
भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने कांग्रेस पर लगाया चुनाव आयोग के हलफनामे और फर्जी वीडियो को लेकर गंभीर आरोप
NewsPoint•
भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता नलिन कोहली ने 27 अक्टूबर को कांग्रेस पर जोरदार हमला किया। उन्होंने चुनाव आयोग के हलफनामे और अरुणाचल प्रदेश से संबंधित फर्जी एआई वीडियो पर बयान दिया। इसके अलावा, उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर भी कांग्रेस की आलोचना की। कोहली ने कहा कि कांग्रेस बिना तथ्यों की जांच किए देश के खिलाफ भ्रम फैला रही है। उनका कहना था कि एसआईआर प्रक्रिया कोई नई नहीं है। यह चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व है। ऐसे में कांग्रेस और सपा को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कोहली ने कहा, "जो बातें सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के हलफनामे को लेकर कही गईं हैं, उस पर बहस होनी है और सुप्रीम कोर्ट अब इसमें क्या निर्णय लेगा, इसकी हम प्रतीक्षा करते हैं।" उन्होंने अरुणाचल प्रदेश और चीन वाले फेक एआई वीडियो पर कांग्रेस के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कोहली ने कहा, "यह कहना कि भारत और चीन के बीच जो कुछ हो रहा है, उसका यह वीडियो प्रमाण है, पूरी तरह गलत है। यह वीडियो एआई जनरेटेड है और सत्य से परे है। बिना किसी सूझबूझ के तुरंत प्रतिक्रिया देना उचित नहीं है।"कोहली ने उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के बयान पर उनकी कुछ जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, "वे एक वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन एसआईआर पहली बार नहीं हो रहा है। 1948 में भी हुआ, 1954 में भी हुआ और 2002 में भी हुआ। यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है। चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व है कि वह मतदाता सूची को शुद्ध और अपडेट रखे।"
भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि क्या अखिलेश यादव या कांग्रेस यह नहीं चाहते कि मतदाता सूची स्वच्छ रहे? क्या जो लोग दिवंगत हो चुके हैं, उनके नाम सूची में बने रहने चाहिए? उन्होंने आगे कहा, "जिन लोगों के नाम दो जगह दर्ज हैं, क्या उन्हें हटाया नहीं जाना चाहिए? यह अखिलेश यादव और कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए। क्या भारतीय नागरिकों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए? क्या बांग्लादेश से अवैध रूप से आए घुसपैठियों का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए?"
कोहली ने कहा कि यह देशहित का विषय है। इस पर राजनीतिक दलों को अपनी नीति के बारे में जनता को स्पष्टता देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारियों के संगठनों से लगातार अनुरोध किया जा रहा है। उनका कहना था कि दीपावली के माहौल में विरोध-प्रदर्शन और रैली से जनता और व्यापारी वर्ग को असुविधा होगी। कांग्रेस को इस मामले में गंभीरता से विचार करना चाहिए।
कोहली ने कहा, "यदि कांग्रेस को लगता है कि उनका नेता विदेश यात्रा से लौटकर इसी दिन उपलब्ध है, तो किसी अन्य तिथि पर भी कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता था।" उन्होंने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस ने एक ही तारीख को कार्यक्रम करने का निर्णय लिया है, तो उसके कारण होने वाली असुविधा का उत्तर उन्हें जनता और व्यापारियों को देना होगा।
एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी देश वापस आ गए हैं तो वे अपनी बात किसी प्रेस वार्ता में भी रख सकते थे। उन्होंने कहा, "इसके लिए पोस्ट करना आवश्यक नहीं था। जनता के सामने आकर अपनी बात स्पष्ट रूप से रखनी चाहिए। यही लोकतांत्रिक परंपरा भी है।"
इस तरह नलिन कोहली ने कांग्रेस को न केवल उनके बयानों पर कड़ी टोकटाक की, बल्कि मतदाता सूची की शुद्धता और स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए। इसका राजनीतिक प्रभाव भी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों पर पड़ सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और अपने रुख को कैसे स्पष्ट करती है।