शिवसेना (यूबीटी) ने भाजपा पर चुनावों में धांधली का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त का इस्तीफा मांगा
शिवसेना (यूबीटी) ने भाजपा पर चुनावों में धांधली का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त का इस्तीफा मांगा
NewsPoint•
शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता अवधेश शुक्ला ने चुनाव आयोग पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया है। उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा पर चुनावों में धांधली करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की है। शुक्ला ने इसे लोकतंत्र की रक्षा के लिए आखिरी लड़ाई बताया और कहा कि जब तक कुमार पद पर बने रहेंगे, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वे दावा कर रहे हैं कि एक नवंबर को दिल्ली में दस लाख लोग एकत्र होंगे और प्रधान चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देना पड़ेगा।
अवधेश शुक्ला ने भाजपा के आंदोलन पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के पास जनता के मुद्दों की कमी है। उन्होंने कहा जब विपक्ष सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, तो प्रशासन उसे रोकने का काम करता है। उन्होंने कहा, "प्रदर्शनकारियों को रोका जा रहा है, ट्रेनें रोकी जा रही हैं और बल प्रयोग किया जा रहा है, जबकि भाजपा खुद पदयात्रा कर रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का यह कदम चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए उठाया जा रहा है।शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में भाषा की मर्यादा भाजपा ने पहले ही खो दी है। उन्होंने बताया कि भाजपा के नेताओं ने राहुल गांधी, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी पर कई टिप्पणी की हैं। इसके बाद उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को अब समझ आ गया है कि उन्हें भाजपा को उसी की भाषा में जवाब देना होगा। यदि विपक्ष भाजपा की भाषा में जवाब नहीं देगा, तो इसका जनता से जुड़ाव पर असर पड़ेगा।
राहुल गांधी के मानहानि मामले में बरी होने के बाद शुक्ला ने कहा, "उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं और वह लगातार उनमें बरी हो रहे हैं।" उन्होंने बताया कि भाजपा विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज करवा रही है। वे कह रहे हैं कि राहुल गांधी या किसी अन्य विपक्षी नेता के खिलाफ दर्ज मामलों से विपक्ष डरने वाला नहीं है।
अवधेश शुक्ला ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय चुनावों और उपचुनावों में धांधली की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा, "कई जगहों पर मतदान के दौरान सीसीटीवी बंद होने की बात सामने आई है।" यह घटनाएं चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने फिर से कहा कि ज्ञानेश कुमार का पद पर बने रहना उचित नहीं और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
अवधेश शुक्ला ने यह भी भविष्यवाणी की कि आने वाले समय में भाजपा सरकार गिर सकती है। उनके अनुसार, यदि स्थिति इसी तरह बनी रही तो पार्टी का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। उनका आंदोलन इस बात की गारंटी है कि चुनाव आयोग का ध्यान इस ओर जाएगा।
शुक्ला के बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। वे इसे लोकतंत्र बचाने का आंदोलन मानते हैं। उनका कहना है कि भाजपा अपनी अनियमितताओं को छुपाने के लिए चुनाव आयोग का सहारा ले रही है। शुक्ला का यह स्पष्ट संदेश है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए वे किसी भी हद तक जाएंगे।
इस प्रकार, यह आंदोलन भारतीय राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे विपक्ष और सरकार के बीच की राजनीतिक सीमाएं और भी स्पष्ट होंगी।