राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने बिहार में मतदाता सूची की गड़बड़ी की उठाई आवाज़

NewsPoint•
Navbharat Times
पटना, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और फॉर्म-6 को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और इसके पीछे गलत मंशा है। मंडल ने कहा कि भाजपा का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च एक पाखंड है। इसके अलावा, उन्होंने अरुणाचल प्रदेश और चीन से संबंधित वीडियो के बारे में भी चिंता जताई और एआई के दुरुपयोग पर भी चेतावनी दी।

मंडल ने इस मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के संदर्भ में जो कदम उठाए हैं, वो गंभीर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने जानबूझकर मतदाताओं के नाम हटाने का काम किया। उनका कहना है कि पहले भी चुनाव से पहले मतदाता सूची का पुनरीक्षण होता था, लेकिन तब निश्चित समय सीमा के भीतर 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले लोगों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया होती थी। उन्होंने कहा, "पहले सीमित संख्या में नाम हटाए जाते थे, लेकिन अब सैकड़ों हजारों नाम हटाए जा रहे हैं।"
बिहार में 69 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने का मामला मंडल के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, "देश में 13 करोड़ नाम हटाने का मामला गंभीर है।" इसके साथ ही, उन्होंने पश्चिम बंगाल में भी इसी तरह के मतदाता नाम हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कहा कि इस मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए।

भाजपा के मार्च पर बोलते हुए उन्होंने कहा, "यह जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास है।" मंडल ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन और धरना देना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने जोड़ा, "जिस तरह नागरिकों के पास पूजा करने और अपनी पसंद के धर्म में विश्वास रखने का अधिकार है, उसी तरह अपनी बात रखने का भी अधिकार है।"

मंडल ने इस बात को भी उठाया कि यदि भाजपा विपक्ष के विरोध के जवाब में लोकतंत्र के नाम पर मार्च निकाल रही है तो यह "देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण प्रवृत्ति" है। उन्होंने कहा, "सत्ता में बने रहने के लिए नागरिक अधिकारों को कमजोर नहीं करना चाहिए।"

अरुणाचल प्रदेश और चीन से संबंधित वीडियो के बारे में मंडल ने कहा कि इस मामले में विरोधाभासी दावे सामने आ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का दुरुपयोग गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। मंडल ने कहा, "AI का उपयोग रचनात्मक कार्यों के लिए किया जा सकता है, लेकिन इसका दुरुपयोग विनाशकारी परिणाम भी ला सकता है।"

उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में चीन के बारे में रिपोर्टों पर भी टिप्पणी की। मंडल ने ड्रोन उड़ाने और चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ के कई दावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "यदि ये दृश्य AI से बनाए गए हैं, तो भ्रम की स्थिति बनी रहेगी। अगर ये असली हैं, तो यह सेना की कार्रवाई से जुड़ा मामला होगा।" उन्होंने कहा कि AI के जरिए कोई भी पक्ष ऐसे दृश्य दिखा सकता है, जिससे सही और गलत का अंतर करना मुश्किल हो सकता है।

मंडल का यह बयान इस समय बहुत महत्वपूर्ण है, जब लोकतांत्रिक प्रक्रिया और नागरिक अधिकारों की चर्चा चल रही है। बिहार में चुनावी समीकरण में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में यह मुद्दा गहराई से प्रभावित करेगा।

उन्हें उम्मीद है कि चुनाव आयोग इस तरह की गड़बड़ियों को समय रहते सुधारने का प्रयास करेगा ताकि लोकतंत्र की मूल भावना को संरक्षित रखा जा सके। मंडल ने कहा कि "हम सभी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर वोट का सम्मान हो और किसी भी व्यक्ति का मतदाता अधिकार न छीनें।" इस मुद्दे पर मंडल की चिंताएं स्पष्ट हैं और उन्होंने आग्रह किया कि इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

राजद के अध्यक्ष की यह स्थिति और आरोप वर्तमान राजनीतिक माहौल में बहुत महत्वपूर्ण है। इससे यह संकेत मिलता है कि चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के मध्य संघर्ष बढ़ता जा रहा है। इससे लोकतंत्र को खतरा हो सकता है अगर सच्चाई को नजरअंदाज किया गया।

राजनीति में इस तरह के मुद्दे अक्सर उठते रहे हैं, लेकिन हर बार सही जवाब और कार्रवाई की आवश्यकता होती है। चुनाव आयोग को अब एक बार फिर अपनी स्थिति और कार्यप्रणाली पर पुनर्विचार करना होगा ताकि मतदाता का अधिकार अबाधित रहे। यह सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करें और किसी भी गलत प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाएँ।

रेकमेंडेड खबरें