उत्तर प्रदेश में 1,000 एकड़ में मेगा टेक्सटाइल पार्क का निर्माण, 1 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

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उत्तर प्रदेश में कपड़ा और गारमेंट उद्योग के लिए लखनऊ-हरदोई सीमा पर 1,000 एकड़ में एक मेगा टेक्सटाइल पार्क बनने जा रहा है। यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में मंजूर की गई। इस पार्क के लिए मास्टर डेवलपर के तौर पर रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को चुना गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 1,947 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। सरकार को विश्वास है कि इसका निर्माण और संचालन करने से लगभग 1 लाख कुशल और अकुशल लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

यह पार्क "पीएम मित्र मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल पार्क" नाम से जाना जाएगा और इसे केंद्र की पीएम मित्र योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। यह उत्तर प्रदेश का मेगा टेक्सटाइल पार्क देश के अन्य छह पार्कों के साथ शामिल है। इस पार्क के लिए 1,000 एकड़ जमीन दी जाएगी, जो 99 साल की लीज पर एक रुपये प्रति एकड़ के किराए पर संबंधित विशेष प्रयोजन कंपनी (SPV) को दी गई है।
उत्तर प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा, "इस पार्क से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए निवेश के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे स्थानीय बुनकरों और कपड़ा निर्माताओं को भी लाभ मिलेगा।" मेगा टेक्सटाइल पार्क की अनुमानित लागत 1,947 करोड़ रुपये है, जिसमें से केंद्र सरकार परियोजना की लागत का 30 प्रतिशत वित्तीय मदद देगी। इस वित्तीय सहायता की अधिकतम सीमा 500 करोड़ रुपये रखी गई है।

पार्क के विकास और संचालन की जिम्मेदारी "पीएम मित्र पार्क उत्तर प्रदेश लिमिटेड" नाम की विशेष प्रयोजन कंपनी के पास होगी। इस कंपनी में उत्तर प्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत और केंद्र सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है। मास्टर डेवलपर के चयन हेतु तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन की प्रक्रिया का पालन किया गया। इस प्रोजेक्ट के लिए देश के आठ प्रमुख महानगरों में निविदाएं आमंत्रित की गई थीं, जिसमें से रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को प्रेफर्ड बिडर चुना गया।

मेगा टेक्सटाइल पार्क का विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत किया जाएगा। इस मॉडल में डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण (DBFOT) की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। परियोजना का कुल रियायत अवधि 50 साल होगी, जिसमें पांच साल का निर्माण काल भी शामिल है। इस अवधि के दौरान, मास्टर डेवलपर पार्क में औद्योगिक इकाइयों की आवश्यकताओं के अनुसार बुनियादी ढांचे और अन्य सुविधाओं का विकास करने में मदद करेगा।

पार्क में कपड़ा और परिधान उद्योग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं बनाई जाएंगी। इससे कंपनियों को अपनी यूनिट स्थापित करने और उत्पादन शुरू करने में सहायता मिलेगी। पार्क में कई प्रमुख सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इनमें रेडी-टू-यूज फैक्ट्री शेड शामिल हैं। इससे कंपनियों को अपनी औद्योगिक जगह सरलता से मिलेगी।

इसके आलावा, पार्क के लिए छ: लेन की सड़क कनेक्टिविटी और 24 घंटे बिजली आपूर्ति की सुविधा भी होगी। जलापूर्ति, आंतरिक सड़कों और बिजली वितरण नेटवर्क का विकास भी किया जाएगा। पार्क में कॉमन बॉयलर और इनक्यूबेशन सेंटर की भी योजना है। ये सुविधाएं औद्योगिक इकाइयों को साझा करने के लिए होंगी। इसके माध्यम से नए कारोबार को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

सामान के भंडारण, परिवहन और सप्लाई चेन में सुधार के लिए लॉजिस्टिक्स हब और वेयरहाउस भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा, टेक्सटाइल उद्योग के लिए श्रमिकों को कौशल विकास की तरह प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी की जाएगी।

कपड़ा उद्योग में पानी का उपयोग बहुत ज्यादा होता है, इसलिए पार्क में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज आधारित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की योजना है। इसका उद्देश्य औद्योगिक अपशिष्ट जल का उपचार और पुनर्चक्रण करना है, ताकि बिना उपचारित पानी को पर्यावरण में छोड़ा न जा सके। इससे पानी के बेहतर इस्तेमाल और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।

इसी तरह, पार्क में काम करने वाले श्रमिकों के लिए आवासीय परिसर, सुरक्षित हॉस्टल, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। विशेष ध्यान महिला कामगारों के लिए सुरक्षित आवास की व्यवस्था पर दिया जाएगा।

इस मेगा टेक्सटाइल पार्क का मुख्य उद्देश्य कपड़ा उद्योग के विभिन्न गतिविधियों को एक ही स्थान पर विकसित करना है। इससे कच्चे माल से लेकर कपड़ा निर्माण, गारमेंट उत्पादन, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स तक की प्रक्रियाएं संगठित की जा सकेंगी। सरकार को उम्मीद है कि इस परियोजना से निजी निवेश बढ़ेगा, औद्योगिक गतिविधियाँ विस्तार होंगी और करीब 1 लाख लोगों के लिए नौकरी के मौके मिलेंगे।

अगर यह परियोजना सही दिशा में चलती है, तो यह उत्तर प्रदेश में कपड़ा और परिधान उद्योग के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह निवेश और रोजगार के नए द्वार खोलने का अवसर प्रदान करेगा।

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