गाजियाबाद में बनाना ट्री होटल में भीषण आग, 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
गाजियाबाद में बनाना ट्री होटल में भीषण आग, 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
NewsPoint•
गाजियाबाद में साहिबाबाद के साइट-4 पर स्थित बनाना ट्री होटल में मंगलवार दोपहर को भीषण आग लग गई। ये अग्नि घटना उस समय हुई जब होटल में रेनोवेशन का काम चल रहा था। आग की सूचना मिलते ही गाजियाबाद अग्निशमन विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू कर दिया। अग्निशमन कर्मियों ने होटल में फंसे 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और घबराहट के बीच राहत का कार्य किया। सौभाग्य से इस अग्निकांड में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
घटना के अनुसार, दोपहर करीब 1:29 बजे अग्निशमन केंद्र को आग लगने की सूचना मिली। तुरंत वैशाली अग्निशमन केंद्र से दो फायर टेंडर घटनास्थल पर भेजे गए। इसके अतिरिक्त साहिबाबाद अग्निशमन केंद्र से भी दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। आग की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने भी मौके का दौरा किया। होटल की ऊपरी मंजिल यानी पांचवीं मंजिल पर आग की लपटें तेजी से बढ़ रही थीं। रेनोवेशन का कार्य चलने के कारण होटल के पिछले हिस्से में आग लग गई थी। आग तेजी से दूसरी मंजिलों तक फैल रही थी, जिससे वहां धुआं भर गया। आग बुझाने के लिए अग्निशमन कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और आग पर काबू पाने के लिए कोशिशें शुरू कीं। होटल के विभिन्न कमरों में फंसे लोगों को बचाने के लिए विशेष रूप से राहत दलों का गठन भी किया गया। उनके प्रयासों से 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
अग्निशमन विभाग की टीम ने आग पर काबू पाने के लिए अग्निशामक प्रणाली का उपयोग किया। उन्होंने होज लाइन बिछाई और दमकल की गाड़ियों से पानी ऊपर तक पहुंचाया। सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अग्निशामक ने मौके पर 9 फायर टेंडर और 1 हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया। उन्हें आग बुझाते समय काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि भारी धुएं के कारण दृश्यता कम हो गई थी।
धुएं को बाहर निकालने के लिए उन्होंने एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, खिड़कियों को तोड़कर धुएं को बाहर निकाला गया, जिससे राहत कार्य में मदद मिली। दमकलकर्मियों ने उन सभी लोगों पर नजर रखी, जो होटल में फंसे थे। उनकी साहसिक कार्रवाई की बदौलत आग को होटल के अन्य हिस्सों में फैलने से रोक दिया गया। कई घंटों की मेहनत के बाद, सभी प्रयासों से आग पूरी तरह से बुझाई गई।
इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, जो कि राहत की बात है। लेकिन आग लगने के कारण रेनोवेशन कार्य के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। आग लगने के दौरान अग्निशमन कर्मियों ने जिस तरह से साहस, तत्परता और समर्पण से काम किया, वह सराहनीय है।
इस अग्निकांड के बाद यह स्पष्ट होता है कि होटल में सुरक्षा इंतजाम और अग्निशामक उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। इसके अलावा, आग लगने के दौरान रेनोवेशन कार्य को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। सभी को अग्निसुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए, ताकि ऐसी स्थितियों से निपटने में आसानी हो।
समग्रता में, इस घटना ने हमें फिर से आग की गंभीरता और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता का एहसास कराया है। भाग्य से इस बार किसी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए। एसओएस की इस वक्त में, अग्निशमन टीमों ने अपनी योग्यता और साहस के अलावे जीवन रक्षक टीमों का महत्व भी साबित किया है।