मणिपुर में मुख्यमंत्री ने बताया: 3000 एकड़ अवैध अफीम खेती बाद में हुए 300 से अधिक गिरफ्तारी
मणिपुर में मुख्यमंत्री ने बताया: 3000 एकड़ अवैध अफीम खेती बाद में हुए 300 से अधिक गिरफ्तारी
NewsPoint•
इंफाल, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने सोमवार को जानकारी दी है कि पिछले एक साल में राज्य सरकार ने लगभग 3,000 एकड़ में अवैध अफीम की खेती को नष्ट कर दिया है। उन्होंने बताया कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत 307 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही 467 नशीले पदार्थों के तस्करों को गिरफ्तार भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने ये बातें मणिपुर पुलिस के 135वें स्थापना दिवस पर फर्स्ट बटालियन मणिपुर राइफल्स परेड ग्राउंड में कही।
मुख्यमंत्री ने 'वॉर ऑन ड्रग्स' (नशीले पदार्थों के खिलाफ जंग) अभियान के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशीले पदार्थों की तस्करी और अफीम की अवैध खेती को समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह अभियान समाज में नशीले पदार्थों से होने वाले हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद करेगा। खेमचंद सिंह ने कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में इस अभियान पर उठाए गए सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार नशे के खिलाफ लड़ाई में गंभीर है और इसे खत्म करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, "हम सभी समुदायों के बीच शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रयासरत हैं।"
मुख्यमंत्री ने पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस मणिपुर में चल रहे ड्रग नेटवर्क की पहचान करने, उनका पता लगाने और उन्हें समाप्त करने के लिए कड़ी निगरानी रख रही है। उन्होंने बताया कि 3 मई 2023 को भड़की जातीय हिंसा के बाद कई युवाओं ने हथियार उठा लिए थे, लेकिन राज्य सरकार ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर शांति बहाल करने के लिए ठोस प्रयास किए हैं।
उन्होंने बताया कि लगातार प्रयासों से लोग स्वेच्छा से हथियार सौंपने के लिए भी प्रेरित हो रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि दो प्रतिबंधित समूहों - केसीपी-पीडब्ल्यूजी और केसीपी-तैबांगनबा - के सदस्यों की घर वापसी के लिए भी कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्गों और राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अच्छे कार्यों की सराहना करें और गलतियों को उजागर करने में मदद करें। उन्होंने कहा, "बेवजह की आलोचना से राज्य की प्रगति पर बुरा असर पड़ेगा और शांति बहाली में मदद नहीं मिलेगी।"
मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस बल को मजबूत करने और आधुनिक बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने बताया कि 'पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सहायता' (एएसयूएमपी) योजना के अंतर्गत, 477 वाहन खरीदे जा रहे हैं। इनमें 60 हल्के बुलेटप्रूफ वाहन और 15 माइन-प्रोटेक्टेड (बारूदी सुरंग से सुरक्षित) वाहन शामिल हैं।
खेल के क्षेत्र में भी मणिपुर पुलिस के कर्मचारियों ने राज्य का मान बढ़ाया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सैखोम मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है, जबकि 2026 के एशियाई खेलों में उन्होंने भारोत्तोलन में रजत पदक जीता है। इसी तरह, पुलिस उपाधीक्षक एन. रोशिबिना देवी ने भी 2026 के एशियाई खेलों में वुशु में रजत पदक हासिल किया है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सिंह ने कहा कि मणिपुर पुलिस ने अपने स्थापना दिवस को गर्व के साथ मनाने की परंपरा शुरू की है। उन्होंने बताया, "हमारे पूरे इतिहास में यह बल जटिल चुनौतियों का सामना करता रहा है। चाहे वह उग्रवाद-विरोधी संघर्ष हो, या समाज की बदलती जनसांख्यिकी और तकनीकी आवश्यकताएं हों।"
डीजीपी ने यह भी कहा कि मई 2023 में जब जातीय हिंसा भड़की, तब मणिपुर पुलिस ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, सेना और असम राइफल्स के साथ मिलकर लोगों और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए तुरंत उपाय किए।
इस समारोह में कुल 13 टुकड़ियों ने मार्च पास्ट में हिस्सा लिया। वहीं, मुख्यमंत्री ने उत्कृष्टता और कर्तव्य में समर्पण के लिए विभिन्न पुरस्कार भी प्रदान किए। 'मणिपुर पुलिस बेस्ट बटालियन अवार्ड 2026' मणिपुर राइफल्स की दूसरी बटालियन को दिया गया, जबकि 'बेस्ट पुलिस स्टेशन अवार्ड 2026' बिष्णुपुर जिले के बिष्णुपुर पुलिस थाने को मिला। 'बेस्ट पुलिस ऑफिसर अवार्ड 2026' उखरुल जिले के महिला पुलिस थाने की उप-निरीक्षक होर्थिंगवोन लुंगलेन्ग को दिया गया।
इस कार्यक्रम में मणिपुर विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यब्रत सिंह, गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह, विधायक, मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी भाग लिया। इस तरह मणिपुर में नशीले पदार्थों की तस्करी पर काबू पाने और शांति बहाल करने के लिए उठाए गए कदमों को लेकर मुख्यमंत्री ने अपनी प्रतिबद्धता जताई।