पीएम मोदी ने बनासकांठा में किसानों के विकास के लिए 5 योजनाओं का किया समर्थन

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गुजरात के बनासकांठा जिले में 30 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की। पीएम मोदी ने एक विशाल जनसभा को भी संबोधित किया। उन्होंने सभा की शुरुआत करते हुए कहा, “आज टेक्नोलॉजी से देश और गुजरात का हर किसान जुड़ा हुआ है।” मोदी जी ने सभा में बैठे लोगों का स्वागत किया और सभा के माहौल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह एक अजूबा है कि लोग चौपाइयों पर बैठे हैं। “अगर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को बताया होता तो आज जरूर इसका रिकॉर्ड बन जाता।” उन्होंने मां अंबा को प्रणाम करते हुए नवरात्र के बाद यहां आने का अवसर बताया।

पीएम मोदी ने बताया कि आज पीएम किसान सम्मान निधि की नई किस्त किसानों के खाते में भेजी गई है। उन्होंने देश के किसानों को इस पर बधाई दी। उन्होंने कहा, "हमारे किसान विकसित भारत के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक हैं।" उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा किसानों को सशक्त बनाने का प्रयास किया है। मोदी जी ने बताया कि वर्तमान में कृषि बजट 5 गुना बढ़ चुका है। “आज करीब 10 करोड़ किसानों के खाते में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है।” इसके अलावा, गुजरात के 50 लाख से ज्यादा किसानों को भी इसका लाभ मिला है, जिनके खातों में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हुई है।
इस वर्ष किसानों को 50 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दी गई है। उन्होंने इसके लिए 5 योजनाओं का उदाहरण दिया। पहली योजना पीएम किसान सम्मान निधि है। इसके तहत लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये सीधे छोटे किसानों के खाते में भेजे गए हैं। उन्होंने कहा, "आजादी के बाद कभी इन छोटे किसानों की जरूरतों को नहीं समझा गया था।" मोदी जी ने बताया कि देश की 85 प्रतिशत से ज्यादा किसान संख्या छोटे किसानों की है।

दूसरी बात जो उन्होंने बताई, वह खाद की कीमतों से संबंधित थी। उन्होंने कहा कि "बीते सालों में वैश्विक अनिश्चितता के बीच खाद की कीमतों में बहुत उछाल आया है, लेकिन किसानों के प्रति हमारी सरकार ने इसका बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया।" सरकार ने इस पर करीब 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

तीसरी बात एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के बारे में थी। पीएम मोदी ने कहा, "पहले की सरकारें एमएसपी को लेकर किसानों को धोखा ही दे रही थीं, लेकिन हमारी सरकार ने इसका वादा पूरा किया है।" उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में गेहूं और धान के किसानों के लिए एमएसपी के रूप में 24 लाख करोड़ रुपये विभाजित किए गए हैं।

चौथी योजना कृषि बीमा योजना थी। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ने फसल बीमा योजना का बहुत बड़ा सुरक्षा कवच किसानों को दिया है।" पिछले 12 वर्षों में इस योजना के तहत किसानों को 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ मिल चुका है।

पांचवीं योजना सिंचाई से जुड़ी थी। उन्होंने कहा, "हमारा निरंतर प्रयास है कि सिंचाई पर किसान की लागत कम हो।" पीएम कुसुम योजना के तहत किसान सोलर पंप हासिल कर रहे हैं, जिसके तहत 12 लाख सोलर पंप वितरित किए जा चुके हैं। अगर ये सोलर पंप नहीं मिलते तो किसानों को 800 करोड़ लीटर से अधिक डीजल खरीदना पड़ता।

पीएम मोदी ने अंत में कहा कि “सिर्फ इन पांच योजनाओं की वजह से देश के किसानों को 50 लाख करोड़ रुपये के बराबर की बचत भी हुई है।” यह बचत किसानों की आय बढ़ाने में सहायक साबित हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि खेती सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि यह हमारी संस्कृति भी है।

इस तरह, पीएम मोदी ने किसानों के प्रति अपनी सरकार की नीतियों और समर्पण को उजागर किया। यह उनके लिए एक उत्साहजनक पल था, जब उन्होंने कहा कि उनकी सरकार छोटे किसानों की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है।

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