पोलैंड के पीएम डोनाल्ड टस्क की भारत यात्रा: द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर चर्चा
पोलैंड के पीएम डोनाल्ड टस्क की भारत यात्रा: द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर चर्चा
NewsPoint•
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर, 21 से 23 अक्टूबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-पोलैंड के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करना है। इस दौरान टस्क, पीएम मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मिलेंगे।
डोनाल्ड टस्क 21 अक्टूबर की रात दिल्ली पहुंचेंगे। अगली सुबह, वह एस. जयशंकर से मिलेंेगे। इसके बाद, टस्क राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे। बैठक के दौरान, टस्क और मोदी के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। इस मुलाकात के बाद, दोनों पक्षों के बीच समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान होगा और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। टस्क की यह यात्रा पीएम के रूप में भारत की दूसरी यात्रा है। इससे पहले, वे 2010 में भारत आए थे। उनकी यात्रा से भारत-पोलैंड के बीच आर्थिक, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और सांस्कृतिक मामलों में सहयोग बढ़ाने का अवसर मिलेगा। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह यात्रा भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) रणनीतिक साझेदारी को भी गहरा करेगी। इस संबंध में टस्क के साथ पोलैंड के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमांस्की और एक बड़ा व्यापार प्रतिनिधिमंडल भी आएगा।
शुक्रवार, 23 अक्टूबर को, टस्क का कार्यक्रम बेंगलुरु में कर्नाटक के मुख्यमंत्री से मिलने का है। इसके बाद, वह कर्नाटक के राज्यपाल भी मुलाकात करेंगे। उन्हें आईटी और स्पेस क्षेत्रों में विभिन्न व्यवसायियों के साथ बातचीत करनी है। यह यात्रा भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
इस यात्रा की योजना विदेश मंत्रालय ने पहले ही साझा की थी, जिसमें कहा गया था कि “यह यात्रा भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी। इससे व्यापार और निवेश, रक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे साझा हितों के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।''
इस यात्रा को लेकर सभी को उत्सुकता है। पीएम मोदी और टस्क की बैठक से बहुत सी नई संभावनाएं खुल सकती हैं। इस यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय लिखने की उम्मीद जगी है।