आनंद कुमार की सुपर इन्फिनिटी पहल: गणित को आसान बनाने का वैश्विक शैक्षणिक आंदोलन

NewsPoint•
Navbharat Times
पटना, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। जापान की मशहूर पत्रिका 'प्रेसिडेंट' ने आनंद कुमार द्वारा बनाई गई नई डिजिटल शिक्षा पहल 'सुपर इन्फिनिटी' की सराहना की है। यह पहल एक ऑनलाइन शिक्षण मंच है, जिसका लक्ष्य बच्चों में गणित के डर को मिटाना और उन्हें स्वतंत्र सोचने का मजा देना है। पत्रिका में शामिल लेख आनंद कुमार के कठिन सफर, उनकी शिक्षा यात्रा और उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए काम को उजागर करता है।

आनंद कुमार की जिंदगी में कई संघर्ष रहे हैं। उन्होंने गणित के प्रति गहरी रुचि दिखाई, लेकिन आर्थिक मुश्किलों के कारण उनका कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने का सपना अधूरा रह गया। फिर भी, उन्होंने वंचित बच्चों के लिए शिक्षा का माध्यम चुना। 'सुपर 30' नामक कार्यक्रम के जरिए आनंद कुमार गरीब एवं प्रतिभाशाली छात्रों को आईआईटी में प्रवेश की तैयारी कराते हैं। इस कार्यक्रम का मकसद उन छात्रों को मौके देना है, जिन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
लेख में यह भी बताया गया है कि जापानी पाठकों को शिक्षा के लिए आईआईटी की महत्वपूर्णता समझाने के लिए इसे जापान के प्रसिद्ध टोक्यो विश्वविद्यालय से तुलना की गई है। आनंद कुमार की शिक्षण शैली को भी खासतौर पर उल्लेखित किया गया है। वे गणित की कठिन अवधारणाओं को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए कहानियों और 'भोलू' तथा 'रिकी' जैसे काल्पनिक पात्रों का इस्तेमाल करते हैं। इस पद्धति से बच्चों को गणित समझने में आसानी होती है और उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

'सुपर इन्फिनिटी' के माध्यम से, आनंद कुमार चाहते हैं कि उनकी शिक्षण पद्धति दुनिया भर के बच्चों तक पहुंचे। पत्रिका ने यह भी बताया कि उनके शैक्षणिक वीडियो जापानी भाषा में उपलब्ध कराने की योजना है। इससे जापान समेत अन्य देशों के बच्चे भी इस विशेष शिक्षण पद्धति को अपना सकेंगे।

महत्वपूर्ण बात यह है कि आनंद कुमार के जीवन और 'सुपर 30' पर आधारित हिंदी फिल्म 'सुपर 30' भी बन चुकी है। इस फिल्म में अभिनेता ऋतिक रोशन ने आनंद कुमार की भूमिका निभाई थी। शिक्षा के क्षेत्र में आनंद कुमार के प्रयासों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है। उनकी डिजिटल पहल 'सुपर इन्फिनिटी' ने भी चर्चा का विषय बना दिया है।

इस बदलाव से न केवल भारत के बच्चे, बल्कि दुनिया भर के बच्चे लाभान्वित होंगे। आनंद कुमार की कहानी हमें यह सिखाती है कि कड़ी मेहनत और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है। उनका यह प्रयास बच्चों को उनकी क्षमताओं को पहचानने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर प्रदान करता है।

रेकमेंडेड खबरें