शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र तैयार करने की प्रक्रिया तेज की

NewsPoint•
Navbharat Times
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले, शिरोमणि अकाली दल ने अपना चुनावी घोषणापत्र तैयार करने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया है। पार्टी के प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने बताया कि घोषणापत्र समिति विभिन्न वर्गों के लोगों से मिलकर उनके सुझाव ले रही है। इस प्रक्रिया में वकीलों और सरकारी कर्मचारियों के साथ विशेष बैठकें की जा रही हैं। इसके अलावा, कलेर ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परमिंदर झोटा की मौत और उनके परिवार पर दबाव का आरोप लगाते हुए Chief Minister भगवंत मान से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आम आदमी पार्टी के रुख की भी आलोचना की और कहा कि 2027 के चुनाव में गठबंधन का अंतिम निर्णय पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और कोर कमेटी करेगी।

अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल पंजाब की समस्याओं पर आधारित राजनीति करता है। उनका घोषणापत्र प्रदेश के लोगों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष, बलविंदर सिंह भूंदड़, अलग-अलग वर्गों के लोगों से लगातार संवाद कर रहे हैं। कलेर ने बताया कि पंजाब इस समय आर्थिक चुनौतियों और कानून-व्यवस्था की समस्याओं का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग राज्य से बाहर जा रहे हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि घोषणापत्र में लोगों की असली समस्याएं और जरूरतें शामिल की जाएं।
वकीलों के साथ बैठक में, कलेर ने उनकी समस्याओं और अकाली दल की Government बनने पर उनके लिए किए जाने वाले कार्यों पर सुझाव मांगे। सरकारी कर्मचारियों के मुद्दे पर, उन्होंने महंगाई भत्ते (डीए) का भुगतान एक बड़ा सवाल बताया। उन्होंने कहा कि इस कारण कर्मचारियों को धरने देने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

कलेर ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर झोटा के मामले को उठाते हुए कहा कि Chief Minister भगवंत मान पर गंभीर आरोप हैं। उन्होंने कहा कि "परमिंदर के पिता ने सार्वजनिक रूप से सामने आकर परिवार पर कथित दबाव की बात कही है।" इसके बाद, कलेर ने यह सवाल उठाया कि जब नशे के खिलाफ अभियान चलाने का दावा किया जा रहा है, तब नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा क्यों सुनिश्चित नहीं की जा रही। उन्होंने चेतावनी दी कि "नशे के कारोबार से जुड़े लोगों को संरक्षण मिल रहा है।"

इस मुद्दे पर, कलेर ने आरोप लगाया कि नशे की समस्या उठाने वाले लोगों के साथ Police कार्रवाई और कथित दुर्व्यवहार किया गया है। उन्होंने एक पिता का जिक्र किया, जिसने अपने बेटे की नशे की लत और परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता जताई थी। कलेर ने कहा कि "नशे के खिलाफ अभियान को लेकर Government के दावों और जमीनी स्थिति के बीच अंतर दिखाई देता है।"

कलेर ने आम आदमी पार्टी पर भी आरोप लगाया कि वे एसआईआर से जुड़े मामलों में दोहरे Political रवैये का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि "एसआईआर से संबंधित बैठकों में आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि शामिल होते रहे, लेकिन उस समय किसी तरह का विरोध या आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई।" कलेर ने पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की भूमिका की तारीफ की और दावा किया कि राज्य में एसआईआर की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित हुई है।

कलेर ने यह भी सवाल किया कि "बैठकों में विरोध नहीं करने के बाद अब विधानसभा में प्रस्ताव लाकर राजनीति क्यों की जा रही है।" उन्होंने आरोप लगाया कि "परमिंदर झोटा की मौत से जुड़े सवालों और लोगों की भावनाओं से ध्यान हटाने के लिए एसआईआर का मुद्दा उठाया जा रहा है।"

अंत में, 2027 के विधानसभा चुनाव में अकाली दल के गठबंधन पर टिप्पणी करते हुए कलेर ने कहा कि पार्टी अपनी चुनावी रणनीति पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि "गठबंधन करना है या अकेले चुनाव लड़ना है, इसका फैसला पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को दिए गए अधिकारों और कोर कमेटी की चर्चा के आधार पर होगा।" कलेर ने बताया कि पार्टी किसी क्षेत्रीय या राष्ट्रीय दल के साथ चुनाव लड़ने या अकेले चुनाव में उतरने जैसे विकल्पों पर विचार कर सकती है। लेकिन सीटों के बंटवारे पर बात करना अभी जल्दबाजी होगी।

इस प्रकार, शिरोमणि अकाली दल पंजाब की समस्याओं को समझने और उनके समाधान को लेकर गंभीर है। पार्टी नेता अर्शदीप सिंह कलेर ने राजनीतिक मुद्दों के प्रति अपनी चुभती आंखें खोली हैं और चुनावी घोषणापत्र को एक व्यापक दृष्टिकोण से तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

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