अक्टूबर में खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर 35 हमले, ईरान के खिलाफ बढ़ी तनाव की स्थिति
अक्टूबर में खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर 35 हमले, ईरान के खिलाफ बढ़ी तनाव की स्थिति
NewsPoint•
लंदन, 31 अक्टूबर: यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने हाल ही में अक्टूबर महीने में समुद्री हमलों का आंकड़ा पेश किया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर में खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में करीब 35 हमले हुए हैं। फरवरी में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ हवाई हमले शुरू किए थे। उसके बाद से आतंकित समुद्री हमलों के मामले में अक्टूबर सबसे खराब महीना साबित हुआ है। इससे पहले मार्च में लगभग 30 हमले हुए थे।
इस बीच, ईरान के आईआरजीसी ने शुक्रवार को यह दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास चार जहाजों में आग लग गई थी। यूकेएमटीओ ने एक हमले की सिर्फ पुष्टि की है, जिसमें लावन द्वीप के दक्षिण में एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था। इस हमले के चलते जहाज में आग लग गई। यूकेएमटीओ का कहना है कि 28 अक्टूबर को समाप्त हुए सप्ताह में, होर्मुज स्ट्रेट से 122 जहाज बाहर गए और 155 जहाज अंदर आए। यह आंकड़ा अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों से पहले की तुलना में करीब 70 प्रतिशत कम है, लेकिन पिछले सप्ताह के 114 आउटबाउंड और 127 इनबाउंड जहाजों की तुलना में इसकी वृद्धि हुई है। एजेंसी ने इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट में तीन हमलों की रिपोर्ट पेश की है। लेकिन शुक्रवार को आईआरजीसी द्वारा बताए गए चार टैंकरों से संबंधित घटनाएं इसमें शामिल नहीं है। यूकेएमटीओ के अनुसार, एक जहाज ने अपनी यात्रा जारी रखी, दूसरे को मदद की जरूरत पड़ी, जबकि तीसरे जहाज की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई।
28 फरवरी को युद्ध आरंभ होने के बाद, होर्मुज जलडमरूमध्य, अदन की खाड़ी और ओमान सागर में 144 से अधिक हमले हो चुके हैं। शुक्रवार को भारतीय क्रू सदस्यों के साथ तेल टैंकर एमटी लुईस 1 पर भी हमला हुआ था। पनामा झंडे वाले इस टैंकर पर दो लिम्पेट माइंस लगाई गई थीं। धमाके के कारण उसके इंजन रूम में आग लग गई, लेकिन क्रू ने इसे बुझा दिया। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पुष्टि की थी कि सभी नाविक सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं लगी है।
29 अक्टूबर को हुए एक और हमले का भी मंत्री ने उल्लेख किया। लाइबेरिया के झंडे वाले टैंकर ‘एमटी अरजनाह’ में दो भारतीय नागरिक सवार थे और वे भी पूरी तरह सुरक्षित हैं। ये घटनाएं दिखाती हैं कि समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा एक बड़ी चिंता का विषय बनता जा रहा है। स्थिति को देखना और सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है, ताकि ऐसे हमलों से निपटा जा सके।
इन आंकड़ों से साफ है कि खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के प्रयासों को बढ़ावा देने की जरूरत है। स्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का लागू किया जाना चाहिए, ताकि समुद्री सुरक्षा में सुधार हो सके। हमलों की बढ़ती संख्या चिंता के लिए एक बड़ा संकेत है।