पटना में 71वां वार्षिक रामलीला उत्सव और रावण वध समारोह, 2027 से नए रामलीला मैदान में होगा

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पटना, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। विजयादशमी के अवसर पर पटना में ऐतिहासिक गांधी मैदान पर 71वां वार्षिक रामलीला उत्सव आयोजित किया गया। हजारों लोग बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीकात्मक उत्सव में शामिल होने के लिए जमा हुए। दशहरा कमेटी ट्रस्ट ने इस भव्य आयोजन को आयोजित किया, जिसमें रावण का 90 फुट ऊंचा पुतला जलाया गया। साथ ही कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी जलाए गए। लोगों ने 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' जैसे नारे लगाए।

इस समारोह में भगवान राम, लक्ष्मण और सीता रथ पर सवार होकर आए। वहीं, हनुमान और वानर सेना ने अपने अद्भुत प्रदर्शन से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। लंका के स्वर्ण नगर का भी एक पुतला जलाया गया, जिससे यह दृश्य और भी महान हो गया। इस आयोजन ने बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का पुराना संदेश दिया।
गांधी मैदान में आयोजित इस उत्सव में नंद किशोर यादव (नागालैंड के राज्यपाल), सैयद अता हसनैन (बिहार के राज्यपाल), सम्राट चौधरी (मुख्यमंत्री), विजय कुमार चौधरी (उपमुख्यमंत्री) और राम कृपाल यादव (मंत्री) जैसे कई महत्वपूर्ण व्यक्ति उपस्थित थे।

यह वर्ष गांधी मैदान में रावण वध का अंतिम समारोह हो सकता है। क्योंकि 2027 से इस कार्यक्रम को पटना के जेपी गंगा पथ, जिसे लोग मरीन ड्राइव के नाम से जानते हैं, पर नए रामलीला मैदान में आयोजित किया जाएगा। ऐसा करने का उद्देश्य गांधी मैदान में होने वाली यातायात भीड़भाड़ की समस्या को सुलझाना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अगले वर्ष से नए स्थान पर इस कार्यक्रम को आयोजित करने की योजना की घोषणा की थी।

पटना के अलावा बेतिया, गोपालगंज, सीवान, आरा, औरंगाबाद, दरभंगा जैसे कई अन्य जिलों में भी रावण दहन समारोह का आयोजन किया गया। इन जगहों पर भी लोग उत्साह से रावण का पुतला जलाते हैं और विजयादशमी का पर्व मनाते हैं।

इस प्रकार, विजयादशमी का यह त्योहार न केवल एक धार्मिक समारोह है, बल्कि एक सामाजिक उत्सव भी है, जिससे लोग एकजुट होते हैं और बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाते हैं।

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