भारत में रिटेल लीजिंग: Q1 2026 में 1.95 मिलियन वर्ग फुट की स्थिर मांग, नए सप्लाई की कमी

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भारत के आठ प्रमुख शहरों में रिटेल लीजिंग की मांग स्थिर है। 2026 की पहली तिमाही में यह 1.95 मिलियन वर्ग फुट रही। नए मॉल की सप्लाई कम होने के बावजूद खरीदारों की दिलचस्पी बनी हुई है। दिल्ली एनसीआर, हैदराबाद और मुंबई में लीजिंग अच्छी रही। फैशन और फूड एंड बेवरेज सेक्टर का योगदान सबसे अधिक रहा।

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नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस) भारत के आठ प्रमुख शहरों में रिटेल सेक्टर में लीजिंग (किराए पर जगह लेना) की मांग स्थिर बनी हुई है। 2026 की पहली तिमाही में यह 1.95 मिलियन वर्ग फुट रही, जो नए मॉल की सीमित सप्लाई के बीच थोड़ी कम हुई है। यह जानकारी कमर्शियल रियल एस्टेट फर्म कुश्मैन एंड वेकफील्ड की एक रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछली तिमाही की तुलना में लीजिंग में 28% और पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 10% की कमी आई है।

हालांकि, यह गिरावट चिंताजनक नहीं है। रिपोर्ट बताती है कि 2025 एक मजबूत साल रहा था, जिसमें 9.21 मिलियन वर्ग फुट की लीजिंग हुई थी, जो कोविड के बाद का सबसे अच्छा प्रदर्शन था। इससे पता चलता है कि सप्लाई की थोड़ी कमी के बावजूद खरीदारों की दिलचस्पी अभी भी बनी हुई है।
इस तिमाही में नए मॉल की सप्लाई न होने के बावजूद, मॉल में लीजिंग बढ़ी है। यह कुल लीजिंग का 47% रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में 33% था। वहीं, मेन स्ट्रीट (मुख्य सड़कों पर स्थित दुकानें) ने कुल लीजिंग में अपना दबदबा बनाए रखा और 53% हिस्सेदारी रखी। इसकी वजह इन जगहों पर ज्यादा लोगों का आना-जाना और खरीदारी की मांग है।

कुश्मैन एंड वेकफील्ड के एग्जीक्यूटिव मैनेजिंग डायरेक्टर, मुंबई और न्यू बिजनेस, गौतम सराफ ने कहा, “भारत का रिटेल रियल एस्टेट मार्केट अभी मांग-आधारित माहौल में काम कर रहा है, जहां खरीदारों की दिलचस्पी अच्छी क्वालिटी वाली रिटेल जगह की उपलब्धता से ज्यादा है।” उन्होंने आगे कहा, “2026 से नए प्रोजेक्ट्स आने शुरू होंगे, जिनमें ज्यादातर प्रीमियम डेवलपमेंट होंगे। हमें उम्मीद है कि यह मजबूत मांग 2026 के बाद लीजिंग को और स्थिर बनाएगी और भारत के रिटेल रियल एस्टेट को और व्यवस्थित करने में मदद करेगी।”

शहरों की बात करें तो दिल्ली NCR इस मामले में सबसे आगे रहा। यहां 30% यानी 0.59 मिलियन वर्ग फुट की लीजिंग हुई। दिल्ली में मॉल और मेन स्ट्रीट दोनों जगहों पर मांग अच्छी रही। इसके बाद हैदराबाद 22% (0.43 मिलियन वर्ग फुट) के साथ दूसरे और मुंबई 13% (0.25 MSF) के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

लीडिंग में फैशन और फूड एंड बेवरेज (खाने-पीने के सामान) का योगदान सबसे ज्यादा रहा, जो कुल लीजिंग का 46% था। मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) का हिस्सा बढ़कर 11% हो गया, जो ज्यादातर मॉल में हुआ। डिपार्टमेंट स्टोर ने 10% लीजिंग में योगदान दिया, जबकि फर्नीचर और फर्निशिंग का हिस्सा 5% रहा। इन जगहों पर लीजिंग मॉल और मेन स्ट्रीट दोनों में फैली हुई थी।

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