ईरान-अमेरिका सीजफायर के बाद लेबनान पर इजरायल का हमला, फ्रांस की कड़ी आलोचना

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ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम के तुरंत बाद इजरायल ने लेबनान पर हमला किया। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसकी कड़ी निंदा की है। मैक्रों ने लेबनान के नेताओं से एकजुटता जताई और कहा कि ये हमले युद्धविराम के लिए सीधा खतरा हैं।

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पेरिस, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका के बीच एक महीने से चले आ रहे तनावपूर्ण संघर्ष के बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ। लेकिन इस शांति के तुरंत बाद, इजरायल ने लेबनान पर हमला कर दिया, जिसकी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कड़ी निंदा की है। मैक्रों ने लेबनान के नेताओं के साथ एकजुटता दिखाते हुए कहा कि ये हमले युद्धविराम के लिए सीधा खतरा हैं और लेबनान को इसमें पूरी तरह शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने ईरान और अमेरिका के नेताओं से भी बात की और युद्धविराम का सम्मान करने की उम्मीद जताई, जो मध्य पूर्व में शांति के लिए बहुत ज़रूरी है। मैक्रों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल प्रोग्राम और क्षेत्रीय नीतियों पर भी चिंता जताई और सभी के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली बातचीत का रास्ता खोलने की बात कही। फ्रांस इस क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अपनी भूमिका निभाने को तैयार है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने लेबनान पर इजरायल के हमलों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से फोन पर बात की और इस मुश्किल घड़ी में फ्रांस की पूरी एकजुटता का भरोसा दिलाया। मैक्रों ने कहा कि ये हमले अभी-अभी हुए युद्धविराम के लिए एक बड़ा खतरा हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लेबनान को इस युद्धविराम में पूरी तरह से शामिल किया जाना चाहिए ताकि शांति बनी रहे।
इजरायल ने दावा किया है कि इन हमलों में उसने ईरान के समर्थन वाले हिज्बुल्लाह के 100 से ज्यादा कमांड सेंटर और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

लेबनान के नेताओं से बात करने के बाद, फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ये हमले अभी हुए सीजफायर के बने रहने के लिए सीधा खतरा हैं। लेबनान को इस सीजफायर के तहत पूरी तरह शामिल किया जाना चाहिए।"

इसके अलावा, राष्ट्रपति मैक्रों ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी बातचीत की। एक्स पर उन्होंने कहा, "मैंने उन दोनों से कहा कि सीजफायर मानने का उनका फैसला सबसे अच्छा था। मैंने उम्मीद जताई कि लेबनान समेत टकराव के सभी इलाकों में, हर लड़ने वाला सीजफायर का पूरी तरह से सम्मान करेगा। सीजफायर के भरोसेमंद और लंबे समय तक चलने के लिए यह एक जरूरी शर्त है।"

मैक्रों ने आगे कहा कि मध्य पूर्व में सभी के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक बातचीत का रास्ता खोलना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी समझौते में ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों से जुड़ी चिंताओं के साथ-साथ उसकी क्षेत्रीय नीतियों और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन में बाधा डालने वाले उसके कामों पर भी ध्यान देना होगा।

फ्रांस के राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि सभी के समर्थन और सहयोग से एक मजबूत और लंबे समय तक चलने वाली शांति स्थापित की जा सकती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि फ्रांस मध्य पूर्व में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस दिशा में अपनी पूरी भूमिका निभाएगा।

राष्ट्रपति मैक्रों ने यह भी बताया कि उन्होंने कतर, संयुक्त अरब अमीरात, लेबनान और इराक के नेताओं से भी इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर बातचीत की है।

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