2026 में फ्रेशर्स की बंपर भर्ती: 73% कंपनियां हायर करने को तैयार, स्किल्स पर जोर

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साल 2026 में फ्रेशर्स के लिए नौकरी के अवसर बढ़ेंगे। लगभग 73% कंपनियां नए ग्रेजुएट्स को हायर करेंगी। रिटेल, ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स में सबसे ज्यादा हायरिंग होगी। कंपनियां अब अनुभव और हुनर को महत्व दे रही हैं। इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल अनुभव वाले फ्रेशर्स को प्राथमिकता मिलेगी। बेंगलुरु और मुंबई जैसे शहर फ्रेशर्स के लिए आगे रहेंगे।

bumper recruitment of freshers in 2026 73 companies to hire emphasis on skills
नई दिल्ली, 18 फरवरी: एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में लगभग 73% कंपनियां फ्रेशर्स यानी नए ग्रेजुएट्स को नौकरी देने की योजना बना रही हैं। यह पिछले साल की तुलना में 3% की बढ़ोतरी है। कंपनियां अब ऐसे उम्मीदवारों को चुनना चाहती हैं जिनके पास काम का अनुभव और हुनर दिखाई दे। TeamLease EdTech की इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि रिटेल सेक्टर में सबसे ज्यादा 91% कंपनियां फ्रेशर्स को हायर करेंगी। इसके बाद ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स में 90% और मैन्युफैक्चरिंग में 85% कंपनियां फ्रेशर्स को नौकरी देंगी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि रिटेल सेक्टर में डार्क स्टोर असिस्टेंट और इन्वेंटरी मैनेजमेंट असिस्टेंट जैसे पदों की मांग सबसे ज्यादा है। ई-कॉमर्स और स्टार्टअप्स में डिजिटल सेल्स एसोसिएट और जूनियर वेब डेवलपर की जरूरत है। वहीं, मैन्युफैक्चरिंग में इन्वेंटरी और लॉजिस्टिक्स कोऑर्डिनेटर और बैटरी असेंबली टेक्नीशियन की मांग बढ़ रही है। TeamLease Edtech के फाउंडर और सीईओ, शांतनु रूज ने कहा, "आज असली फर्क उन उम्मीदवारों में है जो काम का हुनर दिखा सकते हैं और उनमें जो नहीं दिखा सकते।"
उन्होंने यह भी बताया कि रिटेल सेक्टर में हायरिंग की मंशा में भारी उछाल आया है। 2025 की पहली छमाही में जहां यह 41% थी, वहीं 2026 की पहली छमाही में यह बढ़कर 91% हो गई है। रूज का कहना है कि बाजार में एक बड़ा बदलाव आ रहा है। इसलिए, पढ़ाई के साथ-साथ काम का अनुभव (प्रूफ-ऑफ-वर्क) जोड़ना बहुत जरूरी है। जिन फ्रेशर्स के पास इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो या प्रैक्टिकल अनुभव है, उन्हें जल्दी अच्छी नौकरी मिल रही है। वहीं, सिर्फ डिग्री वालों को नौकरी ढूंढने में ज्यादा समय लग रहा है।

इसके अलावा, ट्रैवल सेक्टर में फ्रेशर्स को हायर करने की मंशा 26% से बढ़कर 77% हो गई है। पावर और एनर्जी सेक्टर में भी यह 22% से बढ़कर 72% हो गई है। शहरों की बात करें तो बेंगलुरु फ्रेशर्स को हायर करने के मामले में सबसे आगे है, जहां 84% कंपनियां फ्रेशर्स को नौकरी देंगी। इसकी वजह आईटी (81%), ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स (90%) हैं। इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में भी सॉफ्टवेयर टेस्टिंग इंजीनियर (54%) और डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव (48%) जैसे पदों के लिए फ्रेश टैलेंट की भारी मांग है।

मुंबई दूसरे नंबर पर है, जहां 72% कंपनियां फ्रेशर्स को हायर करेंगी। यहां रिटेल (91%), एफएमसीजी (80%) और हेल्थकेयर व फार्मास्यूटिकल्स (52%) सेक्टर की मांग ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रेशर्स की नौकरी की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए सर्टिफिकेशन इन बिजनेस एनालिसिस, एआई और मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, एआई-एनेबल्ड डिजिटल मार्केटिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसे कोर्स काफी मददगार साबित हो सकते हैं। यह दिखाता है कि कंपनियां अब सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल स्किल्स पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं।

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