प्रतापगढ़: दलित नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास में दोषी को आजीवन कारावास, 1.40 लाख जुर्माना

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प्रतापगढ़ में एक दलित बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में अदालत ने आरोपी सत्यम पाल को दोषी ठहराया है। उसे आजीवन कारावास और 1.40 लाख रुपये का जुर्माना सुनाया गया है। यह राशि पीड़िता को दी जाएगी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। यह फैसला पॉक्सो अधिनियम के तहत आया है।

pratapgarh culprit gets life imprisonment rs 140 lakh fine for attempt to rape dalit minor
प्रतापगढ़ की एक अदालत ने एक दलित नाबालिग से छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास के दोषी सत्यम पाल को आजीवन कारावास और भारी जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश ( पॉक्सो अधिनियम ) पारुल वर्मा की अदालत ने सुनाया। यह घटना 5 दिसंबर 2024 को कंधई थाना क्षेत्र में हुई थी, जब आरोपी ने सात साल की बच्ची के साथ मारपीट करते हुए अश्लील हरकतें कीं और दुष्कर्म का प्रयास किया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया और अदालत में चार्जशीट दाखिल की।

विशेष लोक अभियोजक निर्भय सिंह ने बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और पेश किए गए सबूतों को ध्यान में रखते हुए सत्यम पाल को दोषी पाया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ-साथ 1.40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला पॉक्सो (Protection of Children from Sexual Offences) अधिनियम के तहत सुनाया गया है, जो बच्चों के यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों से निपटता है।
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माने की यह राशि पीड़िता को दी जाए। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष से भी पीड़िता को नियमानुसार आर्थिक क्षतिपूर्ति प्रदान की जाएगी। यह सुनिश्चित करने के लिए है कि पीड़िता को न्याय मिले और उसे आर्थिक सहायता भी मिले। पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर तुरंत कार्रवाई की थी।

यह मामला अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी दर्ज किया गया था, जो समाज के कमजोर वर्गों के खिलाफ होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए बनाया गया है। अदालत के इस फैसले से ऐसे अपराधों के खिलाफ एक सख्त संदेश गया है। आरोपी को गिरफ्तार करने और सबूत इकट्ठा करने में पुलिस की तत्परता सराहनीय रही।