युद्ध जोखिम प्रीमियम और माल ढुलाई दरें बढ़ीं: भारतीय निर्यातकों पर भारी बोझ, सरकार की राहत योजना

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युद्ध के कारण भारतीय निर्यातकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जहाजों के बीमा प्रीमियम और माल ढुलाई का खर्च आसमान छू रहा है। इससे निर्यातकों को भुगतान मिलने में देरी हो रही है और नकदी की कमी हो गई है। सरकार ने 4.97 अरब रुपये की बीमा कवर योजना शुरू की है।

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नई दिल्ली, 19 मार्च (रॉयटर्स) - भारत के छोटे और मध्यम दर्जे के निर्यातक इन दिनों मुश्किल में हैं। युद्ध के कारण जहाजों के बीमा प्रीमियम और अतिरिक्त शुल्क बहुत बढ़ गए हैं। इससे माल ढुलाई का खर्च आसमान छू रहा है। नतीजतन, निर्यातकों को भुगतान मिलने में देरी हो रही है और उनके पास नकदी की कमी हो गई है। यह जानकारी वाणिज्य मंत्रालय ने गुरुवार को दी।

मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण समुद्री मार्गों से माल भेजने का खर्च काफी बढ़ गया है। माल भाड़ा और बीमा का बिल बहुत ज्यादा आ रहा है। निर्यातकों के लिए इस बढ़े हुए खर्च का बोझ ग्राहकों पर डालना मुश्किल हो रहा है।
इस समस्या से निपटने के लिए, भारत सरकार ने एक नई योजना शुरू की है। इस योजना के तहत 4.97 अरब रुपये (53.26 मिलियन डॉलर) का बीमा कवर दिया जाएगा। यह उन शिपमेंट के लिए है जो प्रभावित समुद्री मार्गों से होकर गुजर रहे हैं। इस कदम का मकसद खर्चों को स्थिर करना और ऑर्डरों को रद्द होने से बचाना है।

यह रिपोर्ट मनोज कुमार और शिवंगी आचार्य ने लिखी है। संपादन मुरलीकुमार अनंतरामन ने किया है।

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