ईरान-अमेरिका तनाव और वैश्विक दर वृद्धि की आशंका के बीच सोने की कीमतों में गिरावट

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iran america tension and global rate hike fears gold prices decline
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच सोने की कीमत ों में गिरावट आई है। यह गिरावट ईरान पर हुए हमलों और वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्रीय बैंकों द्वारा उठाए जा रहे कदमों के कारण आई है। सोमवार को सोने की कीमत 0.3% गिरकर $4,362.60 प्रति औंस पर आ गई। अमेरिकी सोने के वायदा कारोबार में भी 0.6% की गिरावट देखी गई और यह $4,400.20 पर पहुंच गया।

ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने कोई समझौता नहीं किया तो उसे आर्थिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ेगा या फिर उसके नेतृत्व को खत्म कर दिया जाएगा। वहीं, ईरानी सेना ने भी कहा है कि अगर उस पर कोई नया हमला हुआ तो वह इसका कड़ा जवाब देगी।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल सोने की कीमतों में बड़ी तेजी के लिए तेल की कीमतों में गिरावट और बॉन्ड यील्ड (सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज) में कमी आना जरूरी है। केसीएम ट्रेड के मुख्य बाजार विश्लेषक टिम वाटरर ने कहा, "सोना फिलहाल लगभग $4,200 से $4,580 के दायरे में कारोबार कर सकता है।"

ईरान पर हुए हमलों के बावजूद, सऊदी अरब से तेल की आपूर्ति में कुछ सुधार की उम्मीद जगी है। इसके साथ ही, संयुक्त राष्ट्र की बैठक के चलते इस हफ्ते ईरान युद्ध को लेकर कूटनीति को बढ़ावा मिलने की आशा है। इन सब वजहों से तेल की कीमतों में नरमी आई है।

दुनिया भर के केंद्रीय बैंक महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरें बढ़ा रहे हैं। ईरान युद्ध के कारण बढ़ी महंगाई को देखते हुए, यह उम्मीद की जा रही है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी का यह सिलसिला जारी रहेगा। हाल ही में, बैंक ऑफ जापान ने भी ब्याज दरें बढ़ाई हैं। इससे पहले, फेडरल रिजर्व और यूरोपीय सेंट्रल बैंक भी ब्याज दरें बढ़ा चुके हैं।

हालांकि सोने को महंगाई के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन बढ़ती ब्याज दरें सोने की मांग को कम कर सकती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो लोग फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) जैसे ब्याज देने वाले निवेशों की ओर आकर्षित होते हैं। स्टैंडर्ड चार्टर्ड के विश्लेषकों का कहना है कि सोना अभी भी अस्थिर है, लेकिन सरकारी खरीद के कारण इसे नीचे से अच्छा समर्थन मिल रहा है। उनका मानना है कि लंबी अवधि में सोने की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहेगी, भले ही यह धीमी गति से हो।

अन्य कीमती धातुओं की बात करें तो, चांदी की कीमत में 0.2% की बढ़ोतरी हुई और यह $66.37 पर पहुंच गई। वहीं, प्लैटिनम 0.1% गिरकर $1,798.31 पर आ गया, जबकि पैलेडियम 0.6% बढ़कर $1,309.65 पर कारोबार कर रहा है।

यह पूरा घटनाक्रम मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके संभावित असर को दर्शाता है। ईरान और अमेरिका के बीच यह टकराव न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय है, बल्कि वैश्विक वित्तीय बाजारों पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की मांग को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कूटनीति कितनी सफल होती है और क्या वैश्विक स्तर पर महंगाई पर काबू पाया जा सकेगा।

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