Yogendra Saw Issued Show Cause Notice By Congress Comment On Hemant Soren Becomes Reason
योगेंद्र साव को कांग्रेस से कारण बताओ नोटिस, हेमंत सोरेन पर टिप्पणी का मामला
Others•
रांची, 20 सितंबर (आईएएनएस)। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव को पार्टी के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ उनकी कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद हुई है। समिति ने साव से तीन दिन के भीतर लिखित जवाब देने और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह बताने को कहा है कि उनके खिलाफ पार्टी के नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने रविवार को यह जानकारी दी।
अनुशासन समिति के अध्यक्ष रामेश्वर उरांव की ओर से जारी नोटिस में हाल ही में मीडिया में योगेंद्र साव द्वारा दिए गए बयानों को बहुत गंभीरता से लिया गया है। नोटिस के अनुसार, साव का यह आचरण पार्टी के सिद्धांतों और नेतृत्व के निर्देशों के खिलाफ माना गया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक मंचों पर पार्टी की घोषित नीति या नेतृत्व के निर्देशों के विपरीत बयान देना संगठनात्मक अनुशासन का मामला बनता है।यह भी बताया गया है कि योगेंद्र साव को पहले भी पार्टी के नियमों का उल्लंघन करने के कारण पार्टी से निकाला जा चुका था। हालांकि, बाद में उनके लंबे समय तक पार्टी के लिए किए गए योगदान को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें फिर से शामिल कर लिया था।
हाल की घटनाओं को देखते हुए, अनुशासन समिति ने योगेंद्र साव से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें यह बताना होगा कि पार्टी के संविधान के प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि पार्टी में नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपने विचार रखने की पूरी आजादी है, लेकिन संगठनात्मक अनुशासन भी बहुत जरूरी है। पार्टी के अनुसार, संगठन के मंच से बाहर दिए गए ऐसे सार्वजनिक बयान, जो पार्टी की घोषित नीति, सिद्धांत या नेतृत्व के निर्देशों से अलग हों, स्वीकार्य नहीं हैं।
यह मामला तब गरमाया जब योगेंद्र साव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बारे में कुछ ऐसी बातें कह दीं जो पार्टी को नागवार गुजरीं। कांग्रेस पार्टी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से उम्मीद करती है कि वे पार्टी की नीतियों और नेतृत्व का सम्मान करें। सार्वजनिक रूप से पार्टी के खिलाफ या नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी को अनुशासनहीनता माना जाता है।
योगेंद्र साव का यह पहला मामला नहीं है जब उन्हें अनुशासन समिति ने नोटिस जारी किया हो। पहले भी वे पार्टी के नियमों का उल्लंघन कर चुके हैं, जिसके चलते उन्हें पार्टी से निष्कासित भी किया गया था। लेकिन, पार्टी नेतृत्व ने उनके पुराने योगदान को देखते हुए उन्हें एक और मौका दिया था। अब देखना यह है कि इस बार योगेंद्र साव का जवाब क्या होता है और पार्टी इस पर क्या कार्रवाई करती है। कांग्रेस पार्टी के लिए यह एक नाजुक स्थिति है, क्योंकि उन्हें पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखना है और साथ ही नेताओं को अपनी बात रखने का अवसर भी देना है।