1500 Crore Slip Scam In Labor Department Millions Of Slips Invalid In 13 Districts Reports Minister Vij Says Many Big Culprits Will Come Forward
श्रम विभाग में स्लिप घोटाले की13 जिलों से आई रिपोर्ट
नवभारत टाइम्स•
हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने श्रम विभाग के 1500 करोड़ रुपये के वर्क स्लिप घोटाले पर गंभीर चिंता जताई है। 13 जिलों की रिपोर्ट में अधिकांश वर्क स्लिप और पंजीकृत मजदूर अवैध पाए गए हैं। मंत्री ने कहा कि गहन जांच से कई परतें खुलेंगी और बड़े दोषी सामने आएंगे। यह घोटाला और भी बड़ा हो सकता है।
हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने मंगलवार को चंडीगढ़ में श्रम विभाग में 1500 करोड़ रुपये के वर्क स्लिप घोटाले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है और इसमें कई बड़े दोषी सामने आएंगे। अब तक 13 जिलों की रिपोर्ट आ चुकी है, जिसमें पांच लाख 99 हजार 758 वर्क स्लिप में से केवल 53 हजार 249 ही वैध पाई गई हैं, जबकि बाकी सभी अवैध हैं। इसी तरह, दो लाख 21 हजार 517 रजिस्टर्ड वर्कर्स में से केवल 14 हजार 240 ही वैध हैं और बाकी अवैध पाए गए हैं। मंत्री विज ने कहा कि यह जांच का विषय है कि ये पर्चियां किसने बनाईं, कब से ली जा रही थीं, किसने इन्हें लिया और किसने इन्हें वेरिफाई किया। यह घोटाला और भी बड़ा हो सकता है।
अनिल विज ने बताया कि जब उन्होंने श्रम विभाग का कार्यभार संभाला था, तब यह मामला उनके सामने आया था। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति द्वारा हजारों लोगों का वेरिफिकेशन किया जाना तकनीकी रूप से संभव नहीं है। यह साफ तौर पर गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।श्रम मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को कई तरह के लाभ देती है। उनके बच्चों की पीएचडी तक की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार उठाती है। मजदूरों की शादी और बच्चे होने पर भी आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा, बीमारी होने पर इलाज का खर्च भी सरकार वहन करती है। यह घोटाला इन सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग का संकेत दे रहा है।
विज ने कहा कि 13 जिलों की रिपोर्ट आ चुकी है और 9 जिलों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। उन्होंने कहा कि इसकी गहनता से जांच के बाद कई परतें खुलेंगी और कई बड़े दोषी सामने आएंगे। यह पता लगाया जाएगा कि किसने पर्ची बनाई, कब से ले रहे हैं, किस-किस ने लिया, किसने इसे वैरीफाई किया। यह जांच में सामने आएगा और यह मामला और भी बड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह मामला तब सामने आया जब उन्होंने श्रम विभाग का चार्ज लिया था। एक आदमी ने हजारों लोगों की वेरिफिकेशन की थी। यह तकनीकी रूप से संभव नहीं है।