टास्क और पॉलिसी की रकम भेजने के नाम पर दो से साढ़े 52 लाख ठगे

नवभारत टाइम्स

गाजियाबाद में साइबर ठगों ने ऑनलाइन टास्क पूरा करने पर कमाई का झांसा देकर और पॉलिसी की रकम भेजने के नाम पर दो लोगों से साढ़े 52 लाख रुपये ठग लिए। एक सेवानिवृत्त अध्यापक से 38 लाख रुपये और दूसरे व्यक्ति से सवा 14 लाख रुपये की ठगी हुई। दोनों पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है।

ghaziabad 52 lakhs cheated from two people in the name of task and policy cyber thugs network
गाजियाबाद में ऑनलाइन ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने दो लोगों को ऑनलाइन टास्क पूरा करने और पॉलिसी की रकम दिलाने का झांसा देकर कुल साढ़े 52 लाख रुपये की ठगी की है। एक सेवानिवृत्त शिक्षक से 38 लाख रुपये और दूसरे व्यक्ति से 14 लाख रुपये से ज़्यादा की ठगी हुई है। दोनों पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

राधा कुंज कॉलोनी के रहने वाले देवेश कुमार द्विवेदी, जो दिल्ली के एक स्कूल से सितंबर 2025 में रिटायर हुए हैं, इस ठगी का शिकार हुए हैं। 18 नवंबर, 2025 को उन्हें एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को शोभा रियलटी कंपनी का प्रतिनिधि बताया और घर बैठे टास्क रिव्यू करके कमाई का लालच दिया। शुरुआत में, पंजीकरण के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे गए। इसके बाद, उन्हें कुछ टास्क दिए गए जिन्हें पूरा करने पर 58 हजार 404 रुपये कमीशन के तौर पर उनके खाते में भेजे गए। इससे देवेश को ठगों पर भरोसा हो गया।
इसके बाद, ठगों ने उन्हें ज़्यादा मुनाफे का लालच देकर बेंगलुरु, कर्नाटक की शोभा लिमिटेड कंपनी में निवेश करने के लिए उकसाया। उन्होंने प्रॉपर्टी में चैनल प्लान के तहत 45 लाख रुपये कमीशन दिलाने का वादा किया। आरोप है कि ठगों ने प्रॉपर्टी में निवेश कराने के नाम पर देवेश से कुल 32 बार में अलग-अलग बैंक खातों में 38 लाख 29 हजार 100 रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

इसी तरह, नंदग्राम के एक व्यक्ति को भी ठगी का शिकार बनाया गया है। उनसे पॉलिसी की रकम खाते में भेजने के नाम पर सवा 14 लाख रुपये ठग लिए गए। दोनों ही मामलों में, ठगों ने पहले छोटा-मोटा फायदा दिखाकर विश्वास जीता और फिर बड़ी रकम ऐंठ ली। साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। यह घटना ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती है, जहां लोग आसानी से लालच में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं। पुलिस ऐसे मामलों में सतर्क रहने और किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करने की सलाह दे रही है।