गुम हुए 52 मोबाइल मालिकों के हवाले

नवभारत टाइम्स

जींद में साइबर सुरक्षा शाखा ने कमाल कर दिखाया है। आम जनता के खोए हुए 52 मोबाइल फोन ढूंढ निकाले गए हैं। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने ये फोन उनके असली मालिकों को सौंपे। जो लोग एसपी ऑफिस नहीं पहुंच सके, पुलिस खुद उनके घर जाकर मोबाइल देकर आई। यह आम लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है।

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जींद की साइबर सुरक्षा शाखा ने कमाल कर दिया है। मंगलवार को उन्होंने 52 ऐसे मोबाइल फोन ढूंढ निकाले जो लोगों के खो गए थे। इन फोन को उनके असली मालिकों को वापस कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने खुद ये फोन लोगों को सौंपे। जो लोग एसपी ऑफिस नहीं आ पाए, पुलिस उनके घर जाकर फोन देकर आई।

यह खबर जींद के लोगों के लिए बहुत राहत भरी है। अक्सर ऐसा होता है कि हमारा कीमती मोबाइल फोन कहीं खो जाता है और फिर उसे ढूंढना नामुमकिन सा लगता है। लेकिन जींद पुलिस की साइबर सुरक्षा शाखा ने यह साबित कर दिया है कि अगर कोशिश की जाए तो खोए हुए फोन भी मिल सकते हैं। उन्होंने 52 लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल वापस दिलाकर एक बड़ी खुशी दी है।
पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने इस मौके पर कहा कि वे इन मोबाइल को मालिकों को सौंप रहे हैं। यह उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है जिन्होंने अपना फोन खो दिया था। कई बार लोग अपना फोन खोने के बाद बहुत परेशान हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि अब उनका फोन कभी वापस नहीं मिलेगा। लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों का भरोसा बढ़ा है।

जिन लोगों के फोन मिले थे, उनमें से कुछ लोग एसपी ऑफिस पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें वहीं फोन दे दिए। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी थे जो किसी कारणवश एसपी ऑफिस नहीं आ सके। ऐसे लोगों के लिए पुलिस ने एक और अच्छी बात की। उन्होंने खुद उन लोगों के घर जाकर उनके मोबाइल फोन पहुंचाए। यह दिखाता है कि पुलिस आम जनता की मदद के लिए कितनी तत्पर है।

साइबर सुरक्षा शाखा का यह काम वाकई सराहनीय है। उन्होंने तकनीक का इस्तेमाल करके लोगों की मदद की है। आजकल मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गए हैं। इनमें हमारी बहुत सारी निजी जानकारी होती है। इसलिए जब ये खो जाते हैं तो चिंता होना स्वाभाविक है। जींद पुलिस ने इस चिंता को दूर करने का काम किया है। यह घटना बताती है कि पुलिस सिर्फ केस सुलझाने का ही काम नहीं करती, बल्कि लोगों की खोई हुई चीजों को वापस दिलाने में भी मदद करती है। यह एक सकारात्मक कदम है जो लोगों को पुलिस पर और भी ज्यादा भरोसा करने के लिए प्रेरित करेगा।