‘मंत्री का बयान मज़दूर विरोधी’

नवभारत टाइम्स

जींद में निर्माण कामगार यूनियन ने श्रम मंत्री अनिल विज के बयान पर नाराजगी जताई है। मंत्री ने 90 दिनों की वेरिफिकेशन प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा का आरोप लगाकर कई मजदूरों को फर्जी बताया है और उनके लाभ रोक दिए हैं। यूनियन नेताओं ने इसे मजदूर विरोधी कदम बताया है।

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जींद: निर्माण कामगार यूनियन ने हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज के उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने 90 दिनों की वेरिफिकेशन प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा का आरोप लगाते हुए कई पंजीकृत निर्माण मजदूरों को फर्जी करार दिया और उनके लाभ रोक दिए। यूनियन नेताओं ने मंत्री के इस बयान को मजदूर विरोधी बताया है। उनका कहना है कि 2014 से 2018 तक असली मजदूरों को 90 दिनों के सत्यापन के लिए दर-दर भटकना पड़ा, और कई मामलों में तो बिना रिश्वत के सत्यापन हुआ ही नहीं।

यूनियन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को श्रम मंत्री अनिल विज के बयान पर अपनी नाराजगी जाहिर की। मंत्री ने दावा किया था कि 90 दिनों की वेरिफिकेशन प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है। इस वजह से उन्होंने कई निर्माण मजदूरों को फर्जी मानकर उनके मिलने वाले फायदे बंद कर दिए हैं।
यूनियन नेताओं ने साफ कहा कि मंत्री का यह बयान मजदूरों के हित के खिलाफ है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे 2014 से लेकर 2018 तक असली मजदूरों को 90 दिनों के सत्यापन के लिए बहुत परेशान होना पड़ा। कई बार तो ऐसा हुआ कि अगर रिश्वत नहीं दी गई तो मजदूरों का सत्यापन ही नहीं हुआ। यह स्थिति मजदूरों के लिए बहुत मुश्किल थी।