सराहनीय कदम

नवभारत टाइम्स

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वतमाला के मामले पर पुनर्विचार का सराहनीय कदम उठाया है। यह पर्यावरण से जुड़ा एक गंभीर मसला है। विकास के नाम पर पर्यावरण का लगातार दोहन हो रहा है। अदालत से उम्मीद है कि वह इस मुद्दे पर संतुलित नजरिया अपनाएगी। इस मामले में संवेदनशीलता बरतना अत्यंत आवश्यक है।

supreme courts commendable step on aravalli need for environmental balance
सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वतमाला के मामले पर पुनर्विचार की जो पहल की है, वह बेहद सराहनीय है। यह कदम पर्यावरण से जुड़ा एक गंभीर मसला है, जिसमें अत्यधिक संवेदनशीलता की आवश्यकता है। विकास के नाम पर हो रहे पर्यावरण के दोहन को देखते हुए, उम्मीद है कि अदालत इस मुद्दे पर एक संतुलित नजरिया अपनाएगी।

किशन गंज के पैंथर तोमर ने 30 दिसंबर के संपादकीय 'संतुलन की जरूरत' पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अरावली पर्वतमाला को परिभाषित करने का सवाल पर्यावरण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस मामले में जरा सी भी चूक लोगों को लंबे समय तक भारी नुकसान पहुंचा सकती है। हम पहले से ही पर्यावरण का बहुत नुकसान कर चुके हैं। विकास की दौड़ में हम पर्यावरण का बेरहमी से दोहन कर रहे हैं।
तोमर ने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट इस संवेदनशील मुद्दे पर एक संतुलित दृष्टिकोण रखेगा। उनका मानना है कि अदालत का यह कदम पर्यावरण की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।