Challenge To End Factionalism In Haryana Congress Rao Narendra Singhs Mission Of Unity
गुट तोड़कर नेताओं को एक करना होगा बड़ा चैलेंज
नवभारत टाइम्स•
हरियाणा कांग्रेस के नए अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने पदभार संभालने से पहले वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। उनका मुख्य लक्ष्य पार्टी की गुटबाजी खत्म कर सभी नेताओं को एक मंच पर लाना है। उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा और रणदीप सुरजेवाला से भेंट की।
हरियाणा कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने पदभार संभालने से पहले ही अपना काम शुरू कर दिया है। सोमवार देर रात उनकी नियुक्ति का ऐलान हुआ था। मंगलवार को वह तुरंत फील्ड में उतर गए। उन्होंने पार्टी के सभी बड़े नेताओं से मुलाकात की। उनका सबसे बड़ा लक्ष्य पार्टी के अंदर की गुटबाजी को खत्म करना है। वह सभी नेताओं को एक मंच पर लाना चाहते हैं। हाईकमान ने उन्हें इसी खास काम के लिए चुना है। वह खुद को किसी एक गुट से जोड़ना नहीं चाहते हैं।
राव नरेंद्र सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि वह पार्टी के अंदर चल रही खींचतान को खत्म करें। उन्हें सभी नेताओं को एक साथ लाना है। हाईकमान ने हाल ही में सभी जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की थी। इसके बाद ही राव नरेंद्र सिंह को यह जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें खास तौर पर इसी काम के लिए मैदान में उतारा गया है। मंगलवार को उन्होंने सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने मिलकर पार्टी की आगे की रणनीति पर बात की। उन्होंने तय किया कि वे सब मिलकर काम करेंगे।इसके बाद राव नरेंद्र सिंह ने रणदीप सुरजेवाला से भी मुलाकात की। रणदीप सुरजेवाला भले ही राष्ट्रीय राजनीति में ज्यादा सक्रिय रहते हैं, लेकिन हरियाणा में उनका भी अपना एक मजबूत गुट है। राव नरेंद्र सिंह यह दिखाना चाहते हैं कि वह किसी एक गुट के नहीं हैं। वह चाहते हैं कि उन पर किसी गुट का ठप्पा न लगे। वह सभी को साथ लेकर चलना चाहते हैं।
उन्होंने भूपेंद्र सिंह चौधरी बीरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रेम लता से भी मुलाकात की। राव नरेंद्र सिंह अब अपने पदभार ग्रहण समारोह में सभी बड़े नेताओं को एक साथ बुलाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा करके वह पार्टी के हाईकमान को भी एक साफ संदेश देना चाहते हैं। वह दिखाना चाहते हैं कि हरियाणा कांग्रेस में अब एकता है। इससे पहले, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदय भान पर अक्सर यह आरोप लगते थे कि वह भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गुट का ज्यादा साथ देते हैं। राव नरेंद्र सिंह इस छवि को बदलना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि पार्टी में सभी को बराबर सम्मान मिले।