Rs 15 Lakhs Cheated In The Name Of Stock Market Joined Youtube Group Downloaded App And Fell Into Trap
स्टॉक मार्केट की जानकारी लेने जुड़े ग्रुप में, गंवाए 15 लाख रुपये
नवभारत टाइम्स•
साइबर ठगों ने स्टॉक मार्केट की जानकारी देने के बहाने एक व्यक्ति से 15 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने यूट्यूब पर जानकारी खोजते हुए एक वॉट्सऐप ग्रुप ज्वाइन किया था। वहां से उन्हें एक ऐप डाउनलोड करने को कहा गया। ऐप में निवेश करने पर मुनाफा दिखने लगा, लेकिन पैसे निकालने की कोशिश करने पर ठगी का अहसास हुआ।
गुड़गांव में शेयर ट्रेडिंग का झांसा देकर एक शख्स से 15 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित राकेश कुमार ने स्टॉक मार्केट की जानकारी के लिए यूट्यूब पर सर्च किया था, जहां से वे साइबर ठगों के संपर्क में आए। ठगों ने उन्हें एक ऐप डाउनलोड करवाया और निवेश के नाम पर उनसे कुल 15 लाख रुपये ऐंठ लिए। जब राकेश ने पैसे निकालने की कोशिश की तो उन्हें बताया गया कि पैसे ब्लॉक हो गए हैं और निकालने के लिए और पैसे मांगे गए, जिसके बाद उन्हें साइबर फ्रॉड का एहसास हुआ। साइबर क्राइम थाना मानेसर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक ठगों का कोई सुराग नहीं मिला है।
फर्रुखनगर के रहने वाले राकेश कुमार को शेयर बाजार में निवेश करने की इच्छा थी। उन्होंने यूट्यूब पर स्टॉक मार्केट से जुड़ी जानकारी खोजी। इसी दौरान उन्हें एक लिंक मिला, जिस पर क्लिक करने के बाद वे एक वॉट्सऐप ग्रुप से जुड़ गए। इस ग्रुप में उन्हें शेयर बाजार की अच्छी-खासी जानकारी मिलने लगी। ग्रुप में दी गई जानकारी और शेयर की कीमतों के बारे में उनके आकलन के सही साबित होने पर राकेश का भरोसा बढ़ गया।इसके बाद, ठगों ने राकेश को 'Conifer In' नाम के एक ऐप के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस ऐप से वे QIB Share खरीद और बेच सकते हैं और IPO में भी अप्लाई कर सकते हैं। ठगों ने यह भी बताया कि इस ऐप के जरिए वे भारत, अमेरिका और हांगकांग जैसे देशों के शेयर बाजार में भी निवेश कर सकते हैं। राकेश कुमार ने उनकी बातों में आकर Conifer In ऐप डाउनलोड कर लिया।
शुरुआत में, राकेश ने ऐप में 50 हजार रुपये का निवेश किया। ऐप में उन्हें मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा था, जिससे उनका विश्वास और पक्का हो गया। इसके बाद, उन्होंने अपने बैंक खाते से अलग-अलग खातों में कुल 15 लाख रुपये भेज दिए। जब राकेश ने ऐप से अपने पैसे निकालने की कोशिश की, तो उन्हें बताया गया कि उनके पैसे ब्लॉक हो गए हैं।
पैसे निकालने के लिए ठगों ने राकेश से और अधिक पैसे मांगे। बार-बार पैसे की मांग किए जाने पर राकेश को शक हुआ कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है। उन्हें अहसास हुआ कि वे ठगों के जाल में फंस गए हैं। इसके बाद, राकेश कुमार ने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन और पुलिस को इस मामले की जानकारी दी।
साइबर क्राइम थाना मानेसर पुलिस ने राकेश कुमार की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस फिलहाल ठगों की पहचान करने और उनका सुराग लगाने की कोशिश कर रही है। यह घटना साइबर ठगी के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती है, जहां लोग ऑनलाइन जानकारी और निवेश के अवसरों के चक्कर में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठते हैं। पुलिस लोगों से अपील करती है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी ऐप पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।