Indian Youths Made Cyber Slaves In Myanmar After Being Lured With Job Offers Abroad Forced Into Fraud
विदेश में नौकरी के नाम पर ‘साइबर गुलामी’
नवभारत टाइम्स•
एमबीवीवी पुलिस ने विदेश में नौकरी के नाम पर भारतीय युवकों को साइबर गुलाम बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय रैकेट का पर्दाफाश किया है। आरोपी युवकों को म्यांमार भेजकर जबरन साइबर फ्रॉड करवाते थे। विरोध करने पर मारपीट होती थी। रिहाई के लिए फिरौती मांगी जाती थी। पुलिस ने आसिफ खान और रोहित कुमार को गिरफ्तार किया है।
मीरा-भाईंदर की MBVV पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह रैकेट भारतीय युवकों को विदेश में नौकरी का लालच देकर फंसाता था। फिर उन्हें म्यांमार में बंधक बनाकर बंदूक की नोक पर 'साइबर फ्रॉड' करवाता था। मीरा रोड के सय्यद हुसैन और अम्मार लकड़ावाला इसके शिकार बने। उन्हें अगस्त 2025 में थाईलैंड भेजा गया और फिर अवैध रूप से म्यांमार ले जाया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी आसिफ खान उर्फ नेपाली और फिरौती लेने वाले रोहित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। यह भारत में अपनी तरह का पहला मामला है, जहां युवकों को अगवा करके 'साइबर गुलाम' बनाया गया।
MBVV पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह भारतीय युवाओं को विदेश में अच्छी नौकरी का सपना दिखाता था। लेकिन असल में, उन्हें फंसाकर जबरदस्ती ऑनलाइन धोखाधड़ी करवाता था। यह मामला देश में अपनी तरह का पहला है। इसमें युवकों को अगवा करके 'साइबर गुलाम' बनाया गया।अगस्त 2025 में, मीरा रोड के दो युवक, सय्यद हुसैन और अम्मार लकड़ावाला, इस गिरोह के जाल में फंस गए। आरोपी आसिफ खान उर्फ नेपाली ने उन्हें नौकरी का झांसा दिया। उन्हें थाईलैंड भेजा गया। वहां आसिफ के साथी अदनान शेख ने उनकी मदद की। दोनों युवकों को गैरकानूनी तरीके से म्यांमार पहुंचा दिया गया।
म्यांमार में, उन्हें एक इमारत में कैद कर लिया गया। बंदूक दिखाकर उनसे 'साइबर फ्रॉड' का काम करवाया जाता था। पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक ने बताया कि "कैद किए गए युवकों से फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर भारतीय लड़कियों के नाम से फर्जी आईडी बनवाई जाती थी। इससे विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को फंसाया जाता। विरोध करने पर उन्हें मारपीट का शिकार होना पड़ता। जब पीड़ितों ने रिहाई की गुहार लगाई, तो आरोपियों ने उनके परिवारों से भारी रकम मांगी।" यह ऑनलाइन धोखाधड़ी विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाती थी।
जब युवकों ने अपनी रिहाई की गुहार लगाई, तो आरोपियों ने उनके परिवारों से बहुत पैसे मांगे। दोनों युवकों को छोड़ने के लिए, आरोपियों ने उनके परिवारों से "6-6 लाख रुपये की फिरौती मंगवाई। इसके बाद ही उन्हें रिहा किया गया।" पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई की। मुख्य आरोपी आसिफ खान को नया नगर से पकड़ा गया। फिरौती की रकम लेने वाले आंध्र प्रदेश के रोहित कुमार को सूरत से गिरफ्तार किया गया।