Digital Gold Rules May Come Next Year Preparation To Protect Investors From Fraud
डिजिटल गोल्ड पर केंद्र सरकार अगले साल ला सकती है नियम
नवभारत टाइम्स•
(फोटो- नवभारत टाइम्स)
NBT रिपोर्ट : भारत में डिजिटल गोल्ड को लेकर रेगुलेटरी फ्रेमवर्क अगले साल की शुरुआत में ही लागू हो सकते हैं। इसे लेकर डिजिटल प्रेशियस मेटल्स एश्योरेंस काउंसिल ऑफ इंडिया (DPMACI) ने पिछले एक महीने के दौरान वित्त मंत्रालय, रिजर्व बैंक (RBI) और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के साथ कई दौर की चर्चा की है। नियमों का मुख्य उद्देश्य निवेशकों को भागने वाली कंपनियों से बचाना है।
DPMACI की चेयरपर्सन निरुपमा सुंदरराजन ने इकॉनमिक टाइम्स को बताया, ‘डिजिटल गोल्ड कंपनियों के लिए एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने पर बातचीत चल रही है, ताकि ग्राहकों के हितों की रक्षा की जा सके। धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों को लोगों को ठगने का मौका न मिले। हमें उम्मीद है कि अगले साल तक ये नियम लागू हो जाएंगे। भारतीयों के बीच डिजिटल गोल्ड एक निवेश के तौर पर काफी पॉपुलर हो रहा है।’DPMACI के मुताबिक, निवेशकों ने FY26 में डिजिटल प्लैटफॉर्म के जरिए करीब 10 टन सोना इकट्ठा किया है। भारत के नीति-निर्माता नियम बनाने से पहले कई देशों के मॉडल का अध्ययन कर सकते हैं।
DPMACI का गठन सेबी की उस चेतावनी के बाद हुआ है, जिसमें चिंता जताई गई थी कि डिजिटल गोल्ड फिलहाल किसी भी सरकारी वित्तीय अथॉरिटी के दायरे में नहीं आता है। DPMACI को तीन महीने पहले सेफगोल्ड, MMTC-PAMP, ऑगमोंट जैसी कंपनियों और PhonePe, गुल्लक जैसे फिनटेक प्लैटफॉर्म्स ने मिलकर बनाया है। यह इस इंडस्ट्री की अपनी एक रेगुलेटरी बॉडी है।
इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि तुर्की, इंडोनेशिया, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और चीन जैसे देशों में डिजिटल गोल्ड का सिस्टम काफी मजबूत है।