Cheap Plots And Multi story Factories Open In Haryana New Industrial Policy Soon
हरियाणा में मिलेंगे सस्ते प्लॉट, मल्टी स्टोरी फैक्ट्रियां बनेंगी
नवभारत टाइम्स•
हरियाणा में जल्द ही नई औद्योगिक पॉलिसी आ रही है। उद्योगपतियों को अब मल्टी स्टोरी फैक्ट्रियां, वेयरहाउस और यूनिट बनाने की छूट मिलेगी। ऊंचाई की सीमा खत्म होने से जमीन की कमी दूर होगी। गुरुग्राम, फरीदाबाद जैसे इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी। एफएआर पूरी तरह ओपन होने से उद्योगपति अपने प्लॉट में जितनी चाहें उतनी मंजिलें बना सकेंगे।
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार इसी महीने अपनी नई औद्योगिक पॉलिसी लॉन्च करने जा रही है। उद्योग और वाणिज्य विभाग के अधिकारी इस पॉलिसी के ड्राफ्ट को फाइनल टच देने के लिए लगातार मीटिंग कर रहे हैं। इस नई पॉलिसी में उद्योगपतियों को कई तरह की छूटें मिलेंगी, जिससे उन्हें महंगे औद्योगिक प्लॉट्स की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। अब तक औद्योगिक इकाइयों में 15 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर निर्माण की इजाजत नहीं थी, लेकिन नई नीति में इस सीमा को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इसका मतलब है कि उद्योगपति अब मल्टी-स्टोरी फैक्ट्री, वेयरहाउस और यूनिट बना सकेंगे। यह 'वर्टिकल इंडस्ट्रियल ग्रोथ मॉडल' जमीन पर फैलाव के बजाय ऊपर की ओर विस्तार को बढ़ावा देगा। गुरुग्राम, फरीदाबाद, मानेसर, सोनीपत और पानीपत जैसे महंगे इलाकों में कारोबारियों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब FAR (फ्लोर एरिया रेशियो) पूरी तरह से ओपन कर दिया गया है।
हरियाणा के उद्योग और वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने बुधवार को बताया कि विभाग नई औद्योगिक पॉलिसी के ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने में जुटा है। उन्होंने कहा, "नई उद्योग नीति पर गंभीरता से काम चल रहा है। हमारा उद्देश्य यह है कि उद्योगों को जमीन की कमी और नियमों की जकड़न से मुक्त किया जाए। एफएआर को ओपन करना और ऊंचाई की सीमा हटाना इसी दिशा में बड़ा कदम है।"मंत्री ने आगे बताया कि उद्योगों के लिए एफएआर को पूरी तरह से खोल दिया गया है। पहले जहां निर्माण की अनुमति एक सीमित फ्लोर एरिया तक ही थी, वहीं अब उद्योगपति अपने प्लॉट के आकार के हिसाब से जितनी चाहें उतनी मंजिलें बना सकेंगे। यह बदलाव खासकर ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, फार्मा, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग जैसे उद्योगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। इसके अलावा, साइड में खाली जगह छोड़ने की पुरानी बाध्यता को भी खत्म कर दिया गया है।
इस नई पॉलिसी का मुख्य मकसद उद्योगों को जमीन की कमी और कड़े नियमों से आजादी दिलाना है। FAR को ओपन करने और ऊंचाई की सीमा हटाने जैसे कदम इसी दिशा में उठाए गए हैं। पहले उद्योगपतियों को अपने प्लॉट पर निर्माण के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) के नियमों का पालन करना पड़ता था, जिससे वे एक निश्चित सीमा से ज्यादा निर्माण नहीं कर पाते थे। अब इस नियम को हटा दिया गया है, जिससे उद्योगपति अपने प्लॉट के आकार के अनुसार जितनी चाहें उतनी मंजिलें बना सकते हैं। यह फैसला उन इलाकों के लिए विशेष रूप से राहत भरा है जहां जमीन की कमी है और कीमतें बहुत ज्यादा हैं।
यह नई नीति उद्योगों के विस्तार के लिए एक नया रास्ता खोलेगी। अब उद्योगपति अपनी जरूरत के हिसाब से अपनी फैक्ट्री या यूनिट को ऊपर की ओर बढ़ा सकते हैं, जिससे जमीन का बेहतर इस्तेमाल होगा। यह 'वर्टिकल इंडस्ट्रियल ग्रोथ मॉडल' भविष्य में उद्योगों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। इससे न केवल लागत कम होगी बल्कि उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी।