रोहतक : MDU में लगेगा बायोगैस प्लांट

नवभारत टाइम्स

महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी परिसर में बायोगैस प्लांट लगेगा। एमडीयू, साहस और नवारम्भव सोशल फाउंडेशन के बीच एमओयू हुआ है। यह प्लांट 80 लाख रुपये की लागत से बनेगा। इससे जैविक कचरे का प्रबंधन होगा और स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन होगा। केपीएमजी सीएसआर के तहत 80 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देगा। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी।

रोहतक : MDU में लगेगा बायोगैस प्लांट
एमडीयू ने पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी परिसर में बायोगैस प्लांट लगाने के लिए एमडीयू, साहस और नवारम्भव सोशल फाउंडेशन के बीच एक समझौता हुआ है। यह प्लांट 80 लाख रुपये की लागत से लगेगा और इससे जैविक कचरे का बेहतर इस्तेमाल होगा। साथ ही, स्वच्छ ऊर्जा भी पैदा होगी। यह समझौता बुधवार को वीसी ऑफिस में कुलपति प्रो. राजबीर सिंह की मौजूदगी में हुआ।

कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने बताया कि इस साझेदारी से यूनिवर्सिटी परिसर में पैदा होने वाले जैविक कचरे का सही तरीके से प्रबंधन किया जाएगा। यह स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा बनाने का एक अच्छा तरीका साबित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट से कार्बन उत्सर्जन कम होगा। इससे एमडीयू एक हरा-भरा और पर्यावरण के अनुकूल कैंपस बनेगा।
रजिस्ट्रार डॉ. कृष्णकांत ने बताया कि इस समझौते के तहत साहस और नवारम्भव सोशल फाउंडेशन यूनिवर्सिटी में पैदा होने वाले जैविक कचरे से बायोगैस बनाने में मदद करेंगे। वे तकनीकी सहयोग भी देंगे। साथ ही, प्लांट को चलाने और लोगों को इसके बारे में जागरूक करने में भी सहयोग करेंगे। इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ साफ ऊर्जा मिलेगी, बल्कि पर्यावरण को बचाने में भी मदद मिलेगी।

इस प्रोजेक्ट के लिए केपीएमजी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत साहस को 80 लाख रुपये की आर्थिक मदद देगा। इस पैसे से प्रोजेक्ट को अच्छे से पूरा किया जाएगा। यह कदम एमडीयू को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने में मदद करेगा। बायोगैस प्लांट से निकलने वाली गैस का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी में खाना बनाने या बिजली पैदा करने के लिए किया जा सकता है। इससे बिजली के बिल में भी कमी आएगी। यह एक ऐसा कदम है जिससे यूनिवर्सिटी और पर्यावरण दोनों को फायदा होगा।